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रसेस कुलगर, नयजिणधम्माश्नप्पत्ती ॥एण॥ कालउगे तिचनबा,रगेसु एगूण नवश्परकेसु ॥ सेसगएसु य सिद्यं,ति हुंति पढमंतिमजिणिंदा ॥१०॥ बायाल
सहस वरसू, णिगकोडाकोमिअयरमाणाए ॥ तुरिए नरामपुवा, ण कोमितणु । N कोसचनरंसं ॥१०॥ वरिसेगवीससदस, प्पमाण पंचमरए सगकरुच्चा ॥ तीस।
दियसयान नरा, तयंतधम्माश्याणंतो॥१०॥ सुयसूरिसंघधम्मो,पुवाहे बिक काही अगणि सायं ॥ निव विमलवादणो सुद,ममंति तहम्म मद्यपहे॥१०३॥ खा
रग्गिविसाईहिं, दादानया कयाइ पुदवीए॥ खगबीय वियाट्ट सु, नराश्बीयं । बिलाईसु॥२०४॥ बहुमबचक्कवहन, चनक्कपासेसु नव नव बिलाइं॥वेयट्टो । |जयपासे, चन्यालसयं बिलाणेवं ॥१०॥ पंचमसमग्हारे, उकरुच्चा वीसव al रिसान नरा ॥ मनासिणो कुरूवा, कूरा बिलवासि कुगश्गमा ॥१०॥ निल्ल
झा निवसणा, खरवयणा पियसुयाविरहिया ॥ थी ब्वरिसगना, अदिउ ।
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