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विय वुग्गला निरए॥२० जानरया दस विद वेयण,सी सिण खुह पिवास के हिं॥ परवस्सं जरदाहं, नय सोगं चेव वेयंति ॥२०॥ पण कोमि अहस ही, लका नव नव सहस पंचसया॥ चुलसी अदीयरोगा, बही तह सत्तमी नरए ॥२०॥ रयण प्पह सक्कर पद, वालुय पह पंक पहय धूमपदा ॥ तमप हा तम तमपहा, कमेण पुढवीण गोत्ताई॥१०॥धम्मा वंसा सेला, अंजण रिहा मघा य माघवई॥ नामेहिं पुढवी, बत्ताई बत्त संगणा॥२१॥असीय
बत्तिस अडविस, वीसा अहार सोल अम सहसा ॥लकुवरि पुढवि पिंमो, लघणुदहि घणवाय तणुवाया ॥१॥ गयणंचपहाणं, वीस सहस्साइं घणुद
ही पिंमो॥घणतणुवाया गासा, असंख जोयण जुया पिंडो॥ १३ ॥ न फुसं तिअलोगं चन, दिसंपि पुढवीय वलयसंगहिया ॥ रयणाए वलयाणं, ब |ध पंचम जोयणं सटुं॥ १४ ॥ विकंनो घणनदही, घणतणु बायाण होला
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