________________ वर्ग 5 छान्न // 12 // वाने औषध बे, ते जो पोतानी शक्ति न होय, तो विशेषथी सामायिक व्रत श्राश्रय करे // 15 // ॥तेम 1 च्यवन, 2 जन्म, 3 दीक्षा, 4 केवल अने 5 मोद ए पांच | श्रीअरिहंतना कट्याणिकना दिवस , ते प्रत्ये पंमित श्राराधे // 13 // ॥एक कल्याणक होय ते दिवसें एकासणुं करे, बे कल्याणक होय ते दिवसें नीवी करे, त्रण, षधं परम् // तदशक्तौ विशेषेण, श्रयेत्सामायिकं व्रतम् // 12 // च्यवनं जन / नं दीदा, ज्ञानं निर्वाणमप्यहो // अर्हतां कल्याणकानि, सुधीराराधयेत्तथा // 13 // एकस्मिन्नेकाशनकं, योनिर्विकृतं तपः // त्रिष्वाचाम्लं सपूर्वाई, च Mal तुषूपोषितं सृजेत् // 14 // कुर्यादर्ध चोपवासमतः पञ्चसु तेष्वपि ॥पंचनिर्व। कल्याणक होय ते दिवसें आयंबिल पूर्वार्ध ते एकासणुं करे, चार कल्याणक होय ते दिवसें उपवास करे // 14 // // वली पांच कल्याणक होय, ते दिवसें एकासणा सहित उपवास करे, ते पंमित कल्याणक तप पांच वर्षे करी पूर्ण करे // 15 // // // // 11 // Jain Education A nal For Personal and Private Use Only wimmi.jainelibrary.org