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पत्ते पत्ते, चत्तारि प्र बंधु बुंडे ॥२४॥ दस नव पन्नरसाई, बंधोदय संत पयडि गणाणि ॥ नणिणि मोहणिजे, इत्तो नामं परं वुद्धं ॥ २५॥ तेवीस प न्नवीसा, बंबीसा वीस गुणतीसा ॥ तीसेगतीस मेगं, बंध ठाणाणि नामस्स ॥२६॥ चड पणवीसा सोलस, नव बाण नई सयाय अडयाला ॥ एयालुत्तरबा या, लसयाइक्विक्कि बंध विदी ॥ २७ ॥ वी सिगवीसा चडवी, स गाउ एगाहियाय इगतीसा ॥ उदय ठाणाणि जवे, नव प्रय हुंति नामस्स ॥ २८ ॥ इक्क बयालि कारस, तित्तीसा बस्सयाणि तित्तीसा ॥ बारस सत्तरससया, एहि गाणि बिप |च सीईहिं ॥२॥ अनुत्ती सिक्कारस, सयापि दिय सतर पंच सठी हिं ॥ इक्कि क पंचवीसा, दहुदयंतेसु उदय विही ॥ ३० ॥ ति उनउई गुण नजई, अडसी व लसी सीइ गुणसीई ॥ य उप्पन्नत्तरि, नव अन्य नाम संताणि ॥ ३२ ॥ अन्य बारस बारस, बंधोदय संत पयमि ठाणाणि ॥ उदेणारसेणय, जब ज
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