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|| तेसु जत्थ सो केसरी निवसइ, पुट्ठा य तेहिं करिसगा-अरे किह अन्ने राइणो पुर्वि सीहं रक्खियाइया ?, तेहिं भणियं-12
कुमार! पयंडगुडाडोवभासुरोहिं पवरकंजरोहिं पवणाइरेगवेगसुंदरंगेहिं जचतुरंगेहिं उडुंडगंडीवसेलभलिनारायकुंतपमु-18 हपहरणहत्थेहिं सुहडसत्थेहिं विरइऊण तिउणपायारपरिक्खेवं अचंतमप्पमत्तचित्ता मरणमहाभयवेवंतसवसरीरा केसरिगुहामुह निहियानिमेसनयणा रक्खिंसु नराहिवा.तहा रक्खमाणाणवि पइक्खणं सीहनायवससमुच्छलंतपडिसहायन्न
ण अवगणियतिक्खंकुसपहारा करडितडपणट्ठमयजला विहडंति करिघडा गाढखलितखलिजमाणाइं विदिसो|| दिसिं फटुंति तुरयघट्टाई विमुक्तपोरिसाभिमाणाणि इट्ठदेवयमणुसरमाणाणि सवओ पलायंति पायवाणि, कुमारेण
भणियं-अहो महापरक्कमो अहो अनन्नविप्फुरियं वीरियं अहो ओहामियसयलसुहडदप्पमाहप्पं अहो भुवणच्छहै रियं चरियं तस्स केसरिणो जं तिरियमेत्तस्सवि एवं परिसंकिजइ, अरे केत्तियं पुण कालं एवंविहपरिकिलेसेण एस
लेजइ ?, तेहिं भणियं-कुमार! जाव सयलंपि करिसणं ण सगिहे पविसइ, कुमारेण भणियं-भो करिसगा!13 को वासारत्तदुविसहसीयवायाभिहओ नियमूहिसयणपमुहपहाणलोयरहिओ चिक्खल्लोलंमि मेइणितले मेहमालाउले हैदिसिवलए अणवरयं निवडंतीसु दिसिबहुमुत्तामणिहारविन्भमासु मुणीणंपि कयमयणवियारासु तंडवियसिहंडिमंडलीस विरहिणीहिययनिहित्तंगारासु वारिधारासु एत्तियं कालं पडिवालेहि ?,ता दंसेह तं पएसं जत्य सो निवसइत्ति, कुमारो आणावेइत्ति भणिऊण दूरट्टिएहिं चेव कहिया सा केसरिगुहा, तओ पुणो पुच्छिया कुमारेण-अरे! केत्तिओ8
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