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________________ श्रीजीवाजीवाभि० मलयगिरीयावृत्तिः ॥ १९६ ॥ Jain Education Inte अच्छा जाव पडिख्या ॥ तासि गं खुड्डियाणं वादीणं जाव बिलपतियाणं तत्थ तत्थ देसे २ तहिं तवे वया विइपच्या जगतिपव्वया दारुपत्र्वयगा दगमंडवगा दगमंचका Terent पायगा ऊसडा खुल्ला खडडगा अंदोलगा पक्खंदोलगा सव्वरयणामया अच्छा जाव पडिवा || तेसु णं उप्पायपव्वतेसु जाव पक्खंदोलएसु बहवे हंसासणाई कोंचासनाई गलासणाई उण्णवासणाई पणवासणाई दीहातगाई महासणाई पक्वासणाई मगरासणाई उसभासगाई तीहारुणाई पडभासणाई दिसालोवत्थियासणाई सव्वरयणामयाई अच्छाई सहाई हाई हाई महाई गीरयाई णिम्नलाई निष्पकाई निकंकडच्छायाई सप्पभाई सम्मि याई सज्जयाई पासादीयाई दरिसणिजाई अनिवाई पडिवाई | तस्स णं वणसंडस्स तत्थ तत्थ देसे २ हि बहवे आलिधरा मालियरा कयलिघरा लयावरा अच्छणघरा पेच्छणघरा मरगा पसारा गन्मघरगा मोहणघरगा सालघरगा जालघरगा कुसमघरगा चित्तघरगा गंधव्यघरगा आयंसघरमा सव्वरयणामया अच्छा सण्हा लण्हा घट्टा मट्ठा णीरया णिमला frist निकडच्छाया सप्पभा सम्मिरीया सउज्जोया पासादीया दरिसणिज्जा अभिवा पडिवा | तेसु णं आलिघरएसु जाव आयंसघरएसु बहूई हंसासणाई जाव दिसासोबत्यासणाई सव्वरयणामयाई जाव पडिवाई | तस्स णं वणसंडस्स तत्थ तत्थ देसे २ तहिं For Private & Personal Use Only ३ प्रतिपत्तौ मनुष्या० वनखण्डा धि० उद्देशः १ सू० १२७ ॥ १९६ ॥ jainelibrary.org
SR No.600089
Book TitleJivajivabhigamopanga Sutra
Original Sutra AuthorChaturdash Purvadhar
AuthorMalaygiri
PublisherDevchand Lalbhai Pustakoddhar Fund
Publication Year1919
Total Pages938
LanguageSanskrit
ClassificationManuscript & agam_jivajivabhigam
File Size20 MB
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