________________
बंधणाणियोगद्दारे सरीरपरूवणाए णिसेय अप्पाबहुअं
[ ७६३
कम्मइयसरीरस्स णाणापदे सगुणहाणिट्ठाणंतराणि असंखेज्जगुणाणि ।। ३९५ ।। उनसे कार्मणशरीरके नानाप्रदेशगुणहानिस्थानान्तर असंख्यातगुणे हैं ॥ ३९५ ॥ तेजासरीरस्स णाणापदे सगुणहाणिट्ठाणंतराणि असंखेज्जगुणाणि ।। ३९६ ॥ उनसे तैजसशरीरके नानाप्रदेशगुणहानिस्थानान्तर असंख्यातगुणे हैं || ३९६ ॥ ओरालि यसरीरस्स णाणापदे सगुणहाणिट्ठाणंतराणि असंखेज्जगुणाणि ।। ३९७ ॥ उनसे औदारिकशरीरके नानाप्रदेशगुणहानिस्थानान्तर असंख्यातगुणे हैं ॥ ३९७ ॥ उव्वियसरीरस्स णाणापदे सगुणहाणिट्ठाणंतराणि संखेज्जगुणाणि ।। ३९८ ॥ उनसे वैक्रियिकशरीरके नानाप्रदेशगुणहानिस्थानान्तर संख्यातगुणे हैं ।। ३९८ ॥ जहण्णुक्कस्सपदेण सव्वत्थोवाणि आहारसरीरस्य णाणापदे सगुणहाणिट्ठाणंतराणि ॥ जघन्य- उत्कृष्टकी अपेक्षा आहारशरीरके नानाप्रदेशगुणहानिस्थानान्तर सबसे स्तोक
५, ४, ४०६
है ॥ ३९९ ॥
ओरालिय-चेउच्चिय- आहारसरीरस्स एयपदे सगुणहाणिट्ठाणंतर मसंखेज्जगुणं ॥ ४०० ॥ उनसे औदारिकशरीर, वैक्रियिकशरीर और आहारकशरीरका एकप्रदेशगुणहानिस्थानान्तर असंख्यातगुणा हैं || ४०० ||
कम्मइयसरीरस्स णाणापदे सगुणहाणिट्ठाणंतराणि असंखेज्जगुणाणि ॥। ४०१ || उनसे कार्मणशरीर के नानाप्रदेशगुणहानिस्थानान्तर असंख्यातगुणे हैं ॥ ४०१ ॥ तेयासरीरस्स णाणापदेसगुणहाणिट्ठाणंतराणि असंखेज्जगुणाणि ॥ ४०२ ॥ उनसे तैजसशरीरके नानाप्रदेशगुणहानिस्थानान्तर असंख्यातगुणे हैं ॥ ४०२ ॥ तेयासरीरस्स एयपदेसगुणहाणिट्ठाणंतर मसंखेज्जगुणं ॥ ४०३ ॥ उनसे तैजसशरीरका एकप्रदेशगुणहानिस्थानान्तर असंख्यातगुणा है || ४०३ ॥ कम्म यसरीरस्स एयपदे सगुणहाणिट्ठाणंतर मसंखेज्जगुणं ॥ ४०४ ॥ उससे कार्मणशरीरका नानाप्रदेशगुणहानिस्थानान्तर असंख्यातगुणा है || ४०४ ॥ ओरालि यसरीरस्स णाणापदेसगुणहाणिट्ठाणंतराणि असंखेज्जगुणाणि ।। ४०५ ।। उनसे औदारिकशरीरके नानाप्रदेशगुणहानिस्थानान्तर असंख्यातगुणे हैं ॥ ४०५ ॥ वेव्वियसरीरस्स णाणापदे सगुणहाणिद्वाणंतराणि संखेज्जगुणाणि ॥ ४०६ ॥ उनसे वैक्रियिकशरीरके नानाप्रदेशगुणहानिस्थानान्तर संख्यातगुणे हैं ॥ ४०६ ॥ एवं णिसेय परूवणासमत्ता
Jain Education International
For Private & Personal Use Only
www.jainelibrary.org