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________________ ५, ५, ३५] पयडिअणियोगद्दारे अत्थोग्गहावरणीयपरूवणा [६९९ गहावरणीयं फासिंदियअत्थोग्गहावरणीयं गोइंदियअत्थोग्गहावरणीयं । तं सव्वं अत्थोग्गहावरणीयं णाम कम्मं ॥ २८ ॥ जिस अर्थावग्रहावरणीय कर्मको पूर्वमें स्थगित किया गया था वह छह प्रकारका है ॥२७॥ जैसे- चक्षुइन्द्रिय-अर्थावग्रहावरणीय, श्रोत्रेन्द्रिय-अर्थावग्रहावरणीय, घ्राणेन्द्रिय-अर्थावग्रहावरणीय, जिह्वेन्द्रिय अर्थावग्रहावरणीय, स्पर्शनेन्द्रियअर्थावग्रहावरणीय और नोइन्द्रिय-अर्थावग्रहावरणीय; यह सब अर्थावग्रहावरणीय कर्म है ॥ २८ ॥ जं तं ईहावरणीयं णाम कम्मं तं छविहं ॥ २९ ॥ चक्खिदिय-ईहावरणीयं सोइंदिय-ईहावरणीयं घाणिदिय-ईहावरणीयं जिभिदिय-ईहावरणीयं फासिंदिय-ईहावरणीय णोइंदिय-ईहावरणीयं तं सव्वमीहावरणीयं णाम कम्मं ॥ ३० ॥ ____ जो ईहावरणीय कर्म है वह छह प्रकारका है ॥ २९ ॥ जैसे-- चक्षुइन्द्रिय-ईहावरणीय, श्रोत्रेन्द्रिय-ईहावरणीय, घ्राणेन्द्रिय-ईहावरणीय, जिह्वेन्द्रिय-ईहावरणीय, स्पर्शनेन्द्रिय-ईहावरणीय और नोइन्द्रिय-ईहावरणीय कर्म; यह सब ईहावरणीय कर्म है ॥ ३० ॥ ___जंतं आवायावरणीयं णाम कम्मं तं छविहं ॥ ३१ ॥ चक्खिदियआवायावरणीयं सोदिदियआवायावरणीयं, घाणिंदियआवायावरणीयं, जिभिदियआवायावरणीयं फासिंदियआवायावरणीयं, णोइंदियआवायावरणीयं । तं सव्वं आवायावरणीयं णाम कम्मं ॥ जो आवायावरणीय कर्म है वह छह प्रकारका है ॥ ३१ ॥ जैसे--- चक्षुइन्द्रियावायावरणीय, श्रोतेन्द्रियावायावरणीय, घ्राणेन्द्रियावरणीय, जिह्वेन्द्रियावरणीय, स्पर्शनेन्द्रियावरणीय और नोइन्द्रियावरणीय कर्म; यह सब अवायावरणीय कर्म है ॥ ३२ ॥ जं तं धाराणावरणीयं णाम कम्मं तं छविहं ॥ ३३ ॥ चक्खिदियधारणावरणीयं सोदिंदियधारणावरणीयं घाणिदियधारणावरणीयं जिभिदियधारणावरणीयं णोइंदियधारणावरणीयं तं सव्वं धारणावरणीयं णाम कम्मं ॥ ३४ ॥ जो धारणावरणीय कर्म है वह छह प्रकारका है ॥ ३३ ॥ जैसे- चक्षुइन्द्रियधारणावरणीय कर्म, श्रोत्रइन्द्रियधारणावरणीय कर्म, घ्राणइन्द्रियधारणावरणीय कर्म, जिह्वाइन्द्रियधारणावरणीय कर्म, स्पर्शनइन्द्रियधारणावरणीय कर्म और नोइन्द्रियधारणावरणीय कर्म; यह सब धारणावरणीय कर्म है ॥ ३४ ॥ एवमाभिणियोहियणाणावरणीयस्स कम्मस्स चउम्विहं वा चदुवीसदिविधं वा अट्ठावीसदिविधं वा बत्तीसदिविधं वा अडदालीसदिविधं वा चोदालसदविधं वा अट्ठसहिसदविधं वा बाणउदि-सदविधं वा बेसद-अट्ठासीदिविध वा तिसद-छत्तीसविधं वा तिसदचुलसीदिविधं वा णादव्वाणि भवंति ॥ ३५ ॥ इस प्रकार आभिनिबोधिकज्ञानावरणीय कर्मके चार भेद, चौबीस भेद, अट्ठाईस भेद, Jain Education International For Private & Personal Use Only www.jainelibrary.org
SR No.600006
Book TitleShatkhandagam
Original Sutra AuthorPushpadant, Bhutbali
Author
PublisherWalchand Devchand Shah Faltan
Publication Year1965
Total Pages966
LanguageSanskrit, Hindi
ClassificationManuscript
File Size20 MB
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