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१, ८, ३२३] अप्पाबहुगाणुगमे लेस्सामग्गणा
[ २५३ उक्त दोनों लेश्यावालोंमें असंयतसम्यग्दृष्टि, संयतासंयत, प्रमत्तसंयत और अप्रमत्तसंयत गुणस्स्थानमें सम्यक्त्व सम्बन्धी अल्पबहुत्वकी प्ररूपणा ओघके समान है ॥ ३०७ ॥
सुक्कलेस्सिएसु तिसु अद्धासु उवसमा पवेसणेण तुल्ला थोवा ॥ ३०८ ॥
शुक्ललेश्यावालोंमें अपूर्वकरणादि तीन गुणस्थानोंमें उपशामक जीव प्रवेशकी अपेक्षा तुल्य और अल्प हैं ॥ ३०८ ॥
उवसंतकसाय-बीदराग-छदुमत्था तत्तिया चेव ॥ ३०९ ॥ खवा संखेज्जगुणा ॥
शुक्ललेश्यावालोंमें उपशान्तकषाय-वीतराग-छद्मस्थ जीव पूर्वोक्त प्रमाण ही हैं ॥ ३०९ ।। उपशान्तकषाय-वीतराग-छद्मस्थोंसे क्षपक जीव संख्यातगुणित हैं ॥ ३१० ॥
खीणकसाय-बीदराग-छदुमत्था तत्तिया चेव ॥ ३११ ॥ शुक्ललेश्यावालोंमें क्षीणकषाय-वीतराग-छमस्थ जीव पूर्वोक्त प्रमाण ही हैं ॥ ३११ ॥ सजोगिकेवली पवेसणेण तत्तिया चेव ॥ ३१२ ॥ शुक्ललेश्यावालोंमें सयोगिकेवली प्रवेशकी अपेक्षा पूर्वोक्त प्रमाण ही हैं ॥ ३१२ ॥ सजोगिकेवली अद्धं पड्डच्च संखेज्जगुणा ॥ ३१३ ॥ शुक्ललेश्यावालोंमें सयोगिकेवली संचयकालकी अपेक्षा संख्यातगुणित हैं ॥ ३१३ ॥ अप्पमत्तसंजदा अक्खवा अणुवसमा संखेज्जगुणा ॥३१४ ॥
शुक्ललेश्यावालोंमें सयोगिकेवली जिनोंसे अक्षपक और अनुपशामक अप्रमत्तसंयत संख्यातगुणित हैं ॥ ३१४ ॥
पमत्तसंजदा संखेज्जगुणा ॥ ३१५ ॥ संजदासजदा असंखेज्जगुणा ॥ ३१६ ॥
शुक्ललेश्यावालोंमें अप्रमत्तसंयतोंसे प्रमत्तसंयत जीव संख्यातगुणित हैं ॥ ३१५ ॥ प्रमत्तसंयतोंसे संयतासंयत जीव असंख्यातगुणित हैं ॥ ३१६ ॥
सासणसम्मादिट्ठी असंखेज्जगुणा ॥३१७ ॥ सम्मामिच्छादिट्ठी संखेज्जगुणा ॥३१८ ॥ मिच्छादिट्ठी असंखेज्जगुणा ॥ ३१९ ॥ असंजदसम्मादिट्ठी संखेज्जगुणा ॥
शुक्ललेश्यावालोंमें संयतासंयतोंसे सासादनसम्यग्दृष्टि जीव असंख्यातगुणित हैं ॥ ३१७ ॥ सासादनसम्यग्दृष्टियोंसे सम्यग्मिथ्यादृष्टि जीव संख्यातगुणित हैं ॥३१८ ॥ सम्यग्मिथ्यादृष्टियोंस मिथ्यादृष्टि जीव असंख्यातगुणित हैं ॥३१९।। मिथ्यादृष्टियोंसे असंयतसम्यग्दृष्टि जीव संख्यातगुणित हैं ।।
असंजदसम्मादिविट्ठाणे सव्वत्थोवा उबसमसम्मादिट्ठी ॥ ३२१ ॥ शुक्ललेश्यावालोंमें असंयतसम्यग्दृष्टि गुणस्थानमें उपशमसम्यग्दृष्टि जीव सबसे कम हैं ।। खझ्यसम्भादिट्ठी असंखेज्जगुणा ॥ ३२२ ॥ वेदगसम्मादिट्ठी संखेज्जगुणा ।। शुक्ललेश्यावालोंमें असंयतसम्यग्दृष्टि गुणस्थानमें उपशमसम्यग्दृष्टियोंसे क्षायिकसम्यग्दृष्टि
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