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________________ घोर सेवा मन्दिर का त्रैमासिक अनकान्त (पत्र-प्रवर्तक : प्राचार्य जुगल किशोर मुल्तार 'युगवीर') वर्ष ३७: कि०३ जुलाई-सितम्बर १९८४ इस अंक में विषय १. सुप्रभात स्तोत्रम् २. देवदास नामक दो कवियों के भिन्न-भिन्न हनुमान चरित्र--डा. ज्योनिप्रसाद जैन, लखनऊ ३. प्रथम प्राणी-विज्ञान विशेषज्ञ हंसदेव -श्री कुन्दनलाल जैन, प्रिन्सिपल, दिल्ली ४ भगवान श्री कुन्दकुन्ददेव -पू० आयिका श्री ज्ञानमती जी ५. संस्कृत वि.सन्धान पूजा ~श्री रतनलाल कटारिया, केकड़ी ६. आत्म अनुभव कैसे हो-श्री बाबूलाल जैन वक्ता १६ ७. शाहनामा-ए-हिन्द में जैनधर्म -थायर फरोग नक्काश ८. राजस्थान के मध्यकालीन जैन गद्य लेखक -श्री रीता जैन, अलवर ९. जनकला और स्थापत्य में १० पाश्वनाथ -श्री नरेन्द्रकुमार सोरया एम० ए० १०. विचारणीय प्रसंग-श्री पप्रचन्द्र शास्त्री, दिल्ली २३ ११. जरा-सोचिए-सपादक २६ १२. दिल्ली से श्री महावीर जी (पदयात्रा) आवरण ३ नोट-~-अनिवार्य कारणों से इस अक में विलंब हुआ: पाठक क्षमा करें। --सपादक प्रकाशक वीर सेवा मन्दिर, २१ दरियागंज, नई दिल्ली-२
SR No.538037
Book TitleAnekant 1984 Book 37 Ank 01 to 04
Original Sutra AuthorN/A
AuthorPadmachandra Shastri
PublisherVeer Seva Mandir Trust
Publication Year1984
Total Pages146
LanguageHindi
ClassificationMagazine, India_Anekant, & India
File Size8 MB
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