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त्रैमासिक शोष-पत्रिका
अनेकान्त
व ३२: किरण १.२
जनवरी-जून १६७४
विषय
सम्पादन-मण्डल
ज्योतिप्रसाद जैन डा०प्रेमसागर जैन भी गोकुलप्रसाद जैन
मम्पादक श्री गोकुलप्रसाद न एम.ए., एल-एल. बी.
साहित्यरत्न
विषयानुक्रमणिका क्र० १. मंगलाचरण-सम्मइसुस २ संत साहित्य पोर जैन अपभ्रंश काव्य
-डा. राममूति पिपाठी, उज्जैन .. मालवा के परमार नरेश और जैनधर्म
-डा. शिवकुमार नामदेव, हिण्डोरी (मण्डला) . ४. पचपरमेष्ठी मोर णमोकार मंत्र
-डा० प्रेमसागर जैन, बड़ौत ५. मादि जिन, शिव एव दांव परम्परा
-श्री मुनीशचंद्र जोशी, नई दिल्ली ६. जैन धर्म : उद्भव और विकास
-डा. रवीन्द्र जैन, मद्राम ७. जैन काम्य मे व्यवहृत 'जान' शब्द : रूप-स्वरूप
-डा. अरुणलता जैन, फरुखाबाद ८. मथुरा को जैन कला
-डा. रमेशचन्द्र जैन, विजनौर ६. अनेकान्त-डा. शोभनाथ पाठक १०. एलाचार्य : शब्द-मीमांशा
-डा.देवेन्द्रकुमार शास्त्री, नीमच (म.प्र.) ३२ ११. श्रमण संस्कृति का उदात्त दृष्टिकोण
-प्रो० श्री जन मूरिदेव १२. मूति-पूजा की प्रतीकात्मकता
-डा. भागचन्द्र जैन 'मागेन्दु
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वार्षिक मूल्य ६) रुपये इस किरण का मूल्य :
१ रुपया ५० पैसे
प्रकाशक
वीर सेवा मन्दिर, २१ दरियागंज, नई दिल्ली-२