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________________ * ॐ महम् * * अनेकान्त , सत्य, शान्ति और लोकहितके संदेशका पत्र नीति - विज्ञान - दर्शन - इतिहास - साहित्य कला और समाजशास्त्र के प्रौढ विचारोंसे परिपूर्ण सचित्र-मासिक सम्सदक जुगलकिशोर मुख्तार 'युगवीर' अधिष्ठाना 'वीरसेवामन्दिर' ( समन्तभद्राश्रम ) सरसावा जि० सहारनपुर सातवाँ वर्ष [ भाद्रपद वीर नि० सं० २४७० मे भाषण धीर नि० सं० २४७१ तक] अगस्त सन् १६४४ से जुलाई सन् १९४५ तक प्रकाशक परमानन्द जैन शास्त्री बोरसेवामन्दिर, सरसावा जि० सहारनपुर वार्षिक मूल्य चार रुपया सितम्बर सन् १९४५ (एक किरसका मूल्य मामाने
SR No.538007
Book TitleAnekant 1945 Book 07 Ank 01 to 12
Original Sutra AuthorN/A
AuthorJugalkishor Mukhtar
PublisherVeer Seva Mandir Trust
Publication Year1945
Total Pages528
LanguageHindi
ClassificationMagazine, India_Anekant, & India
File Size15 MB
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