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________________ अनुकरणीय - - धर्म-प्रेमी ला० छुट्टनलालजी जैन मंदेवालान “अनेकान्न" जिन २५ जैनेतर संस्थाओं को एक वर्ष नक भेट म्वरूप भिजवाते रहनके लिए ५१) 70 की महायता प्रदान की थी, उन संस्थाओंकी सूची नीमरी विग्णाक चौथे पत्र पर दी जा चुकी है । हमें हर्प है कि इस मामें निम्नलिखिन दानी महानुभावोंकी अरसे 'अनेकान्न' एक वर्ष तक भेट स्वरूप भिजवाने रहने के लिए और महायता प्राप्त हुई है। अन. अनकान्न' प्रथम किग्णसे भंजना प्रारम्भ कर दिया गया है । धन्यवानम्वरूप जो मंन्यााकी ओरस पत्र पा रह है वह दानी महानुभावोंका भेजे जा रहे हैं । 'अनेकान्न' पर श्राप हा लेकमन से ज्ञान हो मकंगा कि अनेकान्नके प्रचारकी कितनी नितान्त आवश्यकता है । जितना अधिक अनेकान्न' का प्रगर होगा उतना ही अधिक मत्य. शान्ति और लं कहिनगी भावनाओं का प्रचार गा । अनेकान्न' को हम बहुत अधिक मुन्दर और उन्नतिशील देखना चाहते है. किन्नु दमाग शनि. अद्वि और हिम्मन मव वृछ परिमित है । हमें ममाज-हिनपी धर्मप्रेमी बन्धयाक महयोगी ग्रयन्त श्रावश्यकता है। हम चाहते है कि समाजक उदार हृदय बन्ध जनतर मधाश्री र विद्वानों प्रचारकी दृष्टिम 'अनेकान्त अपनी पारस भंट बम्प भिजवाएँ आर जैन बन्धअंकी अनेकानया माक बननय लिय उमाहिन करें। नाकि अनेकान्न कितनी ही उपयोगी पाठ्य-मामग्री और पुत्र मरगा वटाने में मम हो सकें। व्यवस्थापक काम-त सेट लन्मीचन्द्रजी भेलमा को ओर से '-- ५ काशीराम हाई स्कूल महारनपुर , गनिमी कालेज आफ ला नागपुर वैश्य हाई स्कूल गहनक • हम्प कालेज नागपुर १५ मी. ग. वी. हार्ट स्कल हनक मिटी कालेज नागपुर = बौद्ध विहार लाय-ग माग्नाथ बनारस , श्रा- कालन गयपुर किंग जाई मदिकन कालेज नम्वनः ५ गजाराम नायत्री नागपुर 20 लम्पनर यनिवर्सिटी लग्न ६ गवनमंण्ट हाईम्बन * काशी विद्या पीट बनारम ७ जगन्नाथ हाई स्कल • ऋपिवुल ब्रह्मचर्याश्म, हरिदार = गवनमैग्ट हाई कल दमोह १ सनानन धर्म सभा भनमा ६ हिन्दी भाषी मंघ दाई म्कल नागपुर ४ क्रीन्म कालेज १० पटवर्धन हाई स्कन नागपुर -५ पटना यूनिवर्सिटी पटना ११ युवगज पटिनक लायब्रग उन्जन २६ मारवाड़ी पुग्नकालय. बडा बाजार कलयका • मथरादाम इण्टर मिडियट कालेज. मेगा न्यालमिह कालेज नाहर ५३ पब्लिक लायी जुवनी बाग महारनपुर ८ गयाप्रमाल पब्लिक लायी जी.रो कानपुर १४ म्युशीगम पटिनक लायग देहरादन २६ इण्टग्मांजिण्ट कालेज वत्रा - - - सागर मागला बनारम
SR No.538002
Book TitleAnekant 1938 Book 02 Ank 01 to 12
Original Sutra AuthorN/A
AuthorJugalkishor Mukhtar
PublisherVeer Seva Mandir Trust
Publication Year1938
Total Pages759
LanguageHindi
ClassificationMagazine, India_Anekant, & India
File Size105 MB
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