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विभिन्न Nucleotide से बनी सर्पिलाकार रचना कैसी होती है, इसकी सरल संरचना का चित्र आगे प्रस्तुत है। संक्षेप में इस क्रिया की रूपरेखा समझाने का प्रयास किया गया है, विशेष अध्ययन के लिये संदर्भित ग्रंथों का अवलोकन करें। इन सभी चिन्हों में अभी और खोज व प्रयोगों की आवश्यकता है ।
इस चिन्तन का लेखन समाप्त होने पर पुनरावलोकन के समय 21 मई 2010 दिन शुक्रवार व 23 मई, 2010 दिन रविवार को टाइम्स ऑफ इंडिया (अंग्रेजी संस्करण) के विज्ञान विभाग में समाचार छपा कि यूएसए में वैज्ञानिक दल द्वारा कोशिका का संश्लेषण कर लिया गया है। अमेरिका के J. Crage Ventor व उनके 24 वैज्ञानिकों के दल ने प्राणी शरीर की इकाई कोशिका को कृत्रिम रूप से निर्मित किया जिसमें लगभग 1.6 मिलियन Nucleotide इकाई है। विशेषता यह है कि वे जीवित कोशिका की भांति स्वयं अपना पुनर्विभाजन करने में समर्थ है। सर्वप्रथम जीनोम को संश्लेषित कर उसे एक बेक्टीरिया की कोशिका में प्रविष्ट कराया गया जिसे माइकोप्लाज्मा माइकोडीज जेसीबी । संश्लेषण 1.0 (Mycoplasma mycoides JCVI syn 1.00) नाम दिया गया। इस क्रोमोसोम को कम्प्यूटर की सहायता से 4 विभिन्न रसायनों की बोतलों से 4 करोड़ डॉलर व्यय करके निर्मित किया गया। इस टीम में तीन भारतीय वैज्ञानिक संजय वाशी, राधा कृष्णकुमार व प्रशान्त पी. परमार भी सम्मिलित हैं।
जैन दर्शनानुसार यह जीवन की उत्पत्ति नहीं, वरन् 'योनि' की उत्पत्ति है। यहां ढेर से प्रश्न जाग्रत होते हैं जो निकट भविष्य में विश्वस्तरीय वार्ता का कारण बनेंगे ।
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By J. D. WATSONE. F.H.C. CRICK (IN 1953)
NOBEL LAURETTE अर्हतु वचन 23 (1-2), 2011