SearchBrowseAboutContactDonate
Page Preview
Page 35
Loading...
Download File
Download File
Page Text
________________ 'सराक क्षेत्र', डॉ. नीलम जैन, प्रथम संस्करण, सराक साहित्य संस्थान, सहारनपुर, द्वितीय संस्करण, आचार्य शांतिसागर छाणी स्मृति ग्रन्थमाला, बुढ़ाना, 1996, मू. रु. 200.00 'सराक जैन क्षेत्रों का सर्वेक्षण - एक समीक्षात्मक अध्ययन', डॉ. कस्तूरचन्द्र कासलीवाल, आचार्य शांतिसागर छाणी ग्रन्थ माला, द्वितीय संस्करण, बुढ़ाना : 'हमारे पूर्वज सराक', ब्र. अतुल, अर्हत् वचन (इन्दौर), 8 (2), अप्रैल 96, 57-60 'सराक क्षेत्र में विकीर्ण जैन पुरातत्व', डॉ. नीलम जैन, अर्हत् वचन, 8 (2), अप्रैल 96,61-64 'सराक परिचय एवं जीवन शैली', डॉ. रूबी जैन, स्मारिका - सराक विद्वत् संगोष्ठी, दिल्ली, 11-13 फरवरी 1996, (संक्षिप्तत: - स्मारिका), पृ. 14 - 19 'सराक जाति के उत्थान के उपाय', डॉ. नन्दलाल जैन, स्मारिका, पृ. 20 - 23 : 'सराक क्षेत्र एक दृष्टि', के. के. जैन, स्मारिका, पृ. 24-26 'सराक क्षेत्र : नदी- वन- पर्वत का लहराता चचल-अचल', स्मारिका, पृ. 27-33 'सराक शब्द की निष्पत्ति : एक मन्तव्य', ब्र. राकेश जैन, स्मारिका, पृ. 34 - 36 'सराक : एक विहंगम दृष्टि', स्मारिका, पृ. 37-38 'कलिंग, वंग एवं बिहार सराकों के पिछड़ेपन के कारण', स्मारिका, डॉ. जयकुमार जैन, पृ. 39-41 ___ 'सराक संस्कृति', डॉ. (श्रीमती) सरोज जैन, स्मारिका, पृ. 44 - 56 'सराक संस्कृति - एक समीक्षात्मक अध्ययन', डॉ. गोकुलप्रसाद जैन, स्मारिका, पृ. 44-56 'सराक जाति - ऐतिहासिक पृष्ठभूमि', डॉ. राजमल जैन, स्मारिका, पृ. 57 - 59 'सराक लोककला की सांस्कृतिक धरोहर', माधुरी जैन, स्मारिका, पृ. 60 - 73 'जैन संस्कृति की पोषक सराक प्रजाति', कांति जैन, स्मारिका, पृ. 74-79 'सराक क्षेत्र में आर्थिक कार्यक्रम', डॉ. उपश्रेणिक जैन, स्मारिका, पृ. 80-85 सराकोत्थान में पं. बाबूलाल जैन जमादार का योगदान', डॉ. श्रेयांस जैन, स्मारिका, पृ. 86-89 बंगाल के जिनबिम्ब', डॉ. रमेशचन्द जैन, स्मारिका, पृ. 90 - 94 'सराक षटपदी', डॉ. कपूरचन्द जैन, स्मारिका, पृ. 95 सराक एक दृष्टि में, डॉ. विश्वनाथ चौधरी, जगमग दीपज्योति (अलवर), जनवरी 96, विशेष परिशिष्ट : सराक क्षेत्र में, जगमग दीपज्योति, जनवरी 96, विशेष परिशिष्ट : प्रगति की झलक - पुरुलिया सराक क्षेत्र में किये जा रहे उत्थान कार्य, जगमग दीपज्योति, जनवरी 96, विशेष परिशिष्ट बातचीत - डॉ. नेमीचन्द जैन एवं उपाध्याय श्री ज्ञानसागरजी, जगमग दीपज्योति, जनवरी 96 1997 : 'सराक ज्ञानान्जलि काव्य', निहालचन्द सिंघई 'चन्द्रेश', दि, जैन साहित्य संस्कृति संरक्षण समिति, दिल्ली 'Sarak Tribal Folk Therapy . The Art of Healing', Dr. Abhai Prakash Jain, Arhat Vacana (Indore), 9(4), Oct. 97, 39-46 1998 : 'सराक जाति का इतिहास', तित्थयर (कलकत्ता), 22 (1), अप्रैल 98, पृ. अर्हत् वचन, जनवरी 99
SR No.526541
Book TitleArhat Vachan 1999 01
Original Sutra AuthorN/A
AuthorAnupam Jain
PublisherKundkund Gyanpith Indore
Publication Year1999
Total Pages112
LanguageHindi
ClassificationMagazine, India_Arhat Vachan, & India
File Size8 MB
Copyright © Jain Education International. All rights reserved. | Privacy Policy