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1955 : 'पचार एवं सरावक : एक परिचय', श्री गुलजारी जैन 'विशारद', जैन सन्देश,
19.2.55, पुनर्मुद्रित - सराकोत्थान 1996 1959 : 'बिहार में जैनधर्म', पी. सी. राय चौधरी, जैन सन्देश, 3.12.59, पुनर्मुद्रित
- सराकोत्थान 1996 1960 : 'जैनधर्म प्रचार की सख्त आवश्यकता', जैन सन्देश, 25.2.60, पुनर्मुद्रित -
सराकोत्थान 1996 1963 : 'मेरी सराक क्षेत्र यात्रा', क्षु. जिनेन्द्र वर्णी, जैन गजट, 31.1.63, पुनर्मुद्रित
- सराकोत्थान 1996 1965 : 'पिछड़े हुए जैन', पं. कैलाशचन्द्र सिद्धान्ताचार्य, जैन सन्देश, सम्पादकीय, 27.5.65,
पुनर्मुद्रित - सराकोत्थान 1996 1971 : 'सराकों में धार्मिक पुनर्जागरण', श्री रतनेशकुमार जैन - रांची, जैन गजट, 27.5.71,
पुनर्मुद्रित - सराकोत्थान 1996 'सराक जाति - एक दृष्टि', पं. बाबूलाल जैन जमादार, जैन गजट, 18.11.71,
पुनर्मुद्रित - सराकोत्थान 1996 1973 : 'बिछड़ों को सम्हालें', डा. लालबहादुर शास्त्री, सम्पादकीय, जैन गजट, 10.5.73,
पुनर्मुद्रित - सराकोत्थान 1996 'सराक जाति', सम्पादकीय, जैन गजट, 19.5.73, पुनर्मुद्रित - सराकोत्थान 1996 'सराक बन्धु और उनके प्रति हमारा कर्तव्य', डॉ. रमेशचन्द जैन, जैन गजट, 22.11.73, पुनर्मुद्रित - सराकोत्थान 1996
'सराक हृदय', पं. बाबूलाल जैन 'जमादार' : 'सराक बन्धुओं के बीच', पं. बाबूलाल जैन जमादार : 'श्रावक दर्शन या सराक दर्शन', पं. बाबूलाल जैन जमादार ... 'जैन संस्कृति के विस्मृत प्रतीक', पं. बाबूलाल जैन जमादार, श्री अहिंसा
निकेतन, बेलचम्पा, पृ. 112, मू. रु. 1.00 'प्राच्य जैन सराक शोधकार्य', पं. बाबूलाल जैन जमादार, श्री अहिंसा निकेतन, बेलचम्पा, पृ. 145, मू. रु. 3.00
'सराक जाति का इतिहास', पं. बाबूलाल जैन जमादार, अप्रकाशित, अपूर्ण 1993 : 'सराक बन्धुओं के मध्य उपाध्याय श्री ज्ञानसागरजी महाराज', डॉ. कस्तूरचन्द्र
कासलीवाल 1995 : 'सराक क्षेत्र - प्रगति की राह पर'.गजेन्द्र पब्लिकेशन. दिल्ली 1996 : 'सराक जीवन शैली', तीर्थंकर (इन्दौर), 25 (9 - 10), सराक अंक, पृ. 9 - 11
'मैं सराक हैं' किरणमयी, तीर्थंकर. 25 (9-10), पृ. 9-11 ___ 'सराक : पेड़ों से शकुन - अपशकुन', डॉ. अभयप्रकाश जैन, तीर्थंकर, 25 (9 - 10),
पृ. 12 _ 'सराक शब्द की अर्थयात्रा', बादल मण्डल, तीर्थंकर, 25 (9 - 10), पृ. 13 - 14. 'सराक शब्दकोष (शब्द संख्या - 66), तीर्थंकर, 25 (9 - 10), पृ. 15 - 18 'क्या हडप्पावासी सराक थे?', डॉ. अभयप्रकाश जैन, तीर्थंकर, 25 (9 - 10),
पृ. 19-22 : 'सराक : एक विहंगम दृष्टि', डॉ. विश्वनाथ चौधरी, तीर्थंकर, 25 (9 - 10), . पृ. 23-26 : 'सराक क्रान्ति : वक्त के आइने में', तीर्थंकर, 25 (9 - 10), पृ. 27 - 28
अर्हत् वचन, जनवरी 99
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