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________________ १७५ 11०.२५-3-33 हिन्दी विभाग.... स्थानिक जनताने उनका सूच विरोधकिया पुलिस बुलाई गई और सूब मारपीट हुई और अंतमे पुटीसके सहयोगसे उस ભારતવર્ષીય પોરવાલ મહાસંમેલન પર बालिकाका लावदीपर-बलिदान दियागया कहते है कि स्थानिक महाजन चिमुरुये इस उपस्पट होर विधवाने अपनी पुत्रीका सम्मति. व्या करदीया और महाजनके कितने आदमीको तिरस्कार गत ता. १५-१२-३२ के 'गधुद जैन' के अंको श्रीयुत कराया है। समाज सावधान। समाज हितैषी समस्यमयी सीधीने, पोरवाल महासंमेलन अखिल अनोका दैनिकपत्र- दिगंबर श्वेतांबर और स्थानकदोनेके लिये जो निवेदन प्रगट किया है। उसपर निम्नोक पासी समस्त जनाकी औरस चोर' नामक एक हिदी उर्दूका महाशयो के से मुसम्मतिय दी गई है। इर्षका विषय है हैनिक पत्र देडलीसे निकालने की योजनाकी जा रही है इसके कि पोरवाल सम्मेलन अभतिक कभी नहि हुवाथा वो दोसा लिये एकमा परेर देकर एक लीमीटर कंपनीद्वारा है इसमें सनस्थमलजी सींधी जीने जो परिश्रम उठाया है वह प्रेस खोला जायगा इसका उद्देश होगाकि राष्ट्रीयता की रक्षा धम्यवादके लायक है। नवयुवकोंको विनयपूर्व प्रार्थना है कि करते हए जैन मात्रका संगठन और उसके अधिकारीकी रक्षा पोरवाल महा संमेलन पर अपनी अपनो सुसंमतिमा प्रगट करे करना। आशा है कि कुरीतीयां मिराने से अपनी उमति होगी अपनीटा -सिंधमनिय विनय विजयजीक सदपदेशसे यहाँके समाज में कन्याविक्रय; बालला पुजला आदि जितने हानी- सबने सर्व समतिसे निषेलिप ए राब पास कीये । विदेशी : कारक रिवाज है फिज़ल सर्च दिनदिन बदला गया है, उन खांद कोई भाई ग मंगवावे, गत्युभोज कासर जुक्ता एकदम सबका नाश करनेके लिये संमेलनका अच्छा मौका है और बंद करदिया जाय विवादमें गालियां गाना एकदम बंद करसबको भाग लेगेके लिये भूचित कियाजाता है आपका दियाजाय, विवाहमें जो वर्ष होता था उसमें कमी कादिया शीवराज सल और दुसरा पीस मुद्दे उदे गांचोंके सद्गुरुयो जाय और इस जो रकम बचे उसको धारण खातेमे दे दीक्षाप । सब मुनीराजाको चाहिये के ऐसे अनुकरणीय उपदेश होठी नहीं मनाई गई. दे कि जिससे समाजकी उन्नति हो। परतापगड (मालवा) में “जन बे० मिग्न मंडल" की : कुरा यहांके जैनमंदिसमें रात्रिके समय चोर ५ ताले तरफ से एक अपिल छपवाकर जनता में वित्तीर्ण कराई गईची तोडकर २५०) का माल चूगले गये, पुलिस पत्ता लगा रही परिणाम स्वरूप होली के दिनों गाली आदि विभारस दाय है अभीतक चोरीका पता नदि मिला है। कन्या--विकर मोटर सम्हास-उदेपुर मेवाद और राणकपुर पंचतीर्थक परतावगट (मालवा) यहीं पीसा हुम जाति में घडाघा बीच मोटर सर्वीसा चालु की गई है उदेपुरसे सिर्फ ७ घंटे में कन्या-विक्रय हो रहे है। विशेष परिचय के लिये राणकपुर मोटर पहूंचसी केसरीयाजी और मारवादको पंचअंक देखो। तीधाम यात्रा करनेवाले को यह सुमीता होगया है उदेपुरसे भरतपुरम-श्रीमाल और ओसवाल भाईयों में बेटी राणकपुरजोका सावेतीन रूपया किराया नियत कियागया है। व्यवहार चालु हो गया। कारागुन सुदी २को एक विवाह वागणवाद-(मारवाद) में पोरवाल संमेलन व चैत्र मासकी आनंद पूर्वक हुबा, दोनो जाति के सजनांग वैवाहिक कार्यों में आर्यापलकी ओलीपर बहुतसे. भादमी वगें इसलिये बड़ी समाधान पूर्वक भाग लियाया। तैयारी चल रही है। आचार्य विजयवहमसूरि भऔर अनेक पीगड शहर-(जोधपुर स्टेट) के अंदर बदी म्यातके साधुन। यहाँ उपस्थित होंगे समाजकी उति साहनेवाले ओसवालामे कर सणन ऐसे अत्याचारी ई जो अपनी बहन सनी भाइको चाहिए कि वे इस अवसर पर बामनवासी बेटी को रूपया लेकर पेचते है याने कन्या-विक्रय बढाकर पहुंच जाय और मारवाडमें जो कुरुदयां और दमा ने अपना समाजको विकुलही तृवाना चाहते है और उन रुपयाँसे आप साम्राज्य जमा रक्खा है उसको उरवायकर कंदे और समःमाल मलीदा उदाते है। यह समाजके लिये बहुत इसकी जोतिमें आगे बो। चत है इसलिये यहाँका जाति का फर्क है कि ऐसे घोर भावभक सूचना अत्याचार बंध करवाके समाजको उम्भातिके राह पर पहुचाये। ___ अनु" में हिन्दी विभाग रखनेका यि किया गया आगरा-सा २ फरवरीसे आठ फरवरी तक श्री जन पंच- है इसलिये हिन्दी सेखाकों और संवाद दाताओं की आवश्यक्ता करयाग के महोत्सव वधीधामधूमसे मनाया गया इसमें दोगवर है. समाचार देनेवाल सेवाभाची युवकों को पोष्ट संच दिया अन श्रीयुत बिहारीलालजी जैसपास और उनकी भगिमा श्रीमति सायगा। खाडोबाईने मिलकर करीब सडेतीन लाख रुपया खर्च किया। लेखकाचे-समाज की उन्नति कैसे हो, कुरुदिया और साशदिनमें धार्मिक अनुष्ठानके बहाने साडेतीन लाख रूपया पोपशादी का नाश कैसे हो आदि उदे उदे विषयपर उस भेजें स्वाहा गया इससे समाजको कुछ फल प्राप्त नहि वा । लेख शुद हिन्दी में कागज के अंक बाजु शाहीसे लिखा हो, यदि इन सादतीन लाख रूपयोसे जन समाजमें एक कोलेज नाम प्रगट नहीं करना हो तो लिखना चाहिये। स्थापित कियानाता तो समाजको कितना लाभ मिलता प्राहकॉसे- प्रबुद्ध' का आगामी अंक पी. पी. से भेजा रतलाम-जबलपुरके एक च.नेकने बांकी विधया की जायगा, जो प्राइक न रहना चाहते हो वे कृपाकर लिस पुषीके साथ काफी संपतिसे सोपा तयकर सादी करने आयेधे भेज वृषा पोष्ट सब नहो।
SR No.525796
Book TitlePrabuddha Jivan - Prabuddha Jain 1933 03 Year 02 Ank 19 to 22
Original Sutra AuthorN/A
AuthorChandrakant V Sutaria
PublisherMumbai Jain Yuvak Sangh
Publication Year1933
Total Pages34
LanguageGujarati
ClassificationMagazine, India_Prabuddha Jivan, & India
File Size3 MB
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