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________________ ३२ अहासुयं १.१ जहा १.१ मध्यवर्ती मध्यवर्ती Jain Education International मध्यवर्ती - - - थ ध - अधासच्चं ३०.६५.१८ जधा ३.७.१० इत्यादि जहा (भी अनेक बार ) न - अणुक्तो १.२३, इत्यादि दोनों ही ग्रन्थों में से उद्धृत उपरोक्त पाठों से स्पष्ट हो रहा है कि शुब्रिंग महोदय ने आचाराङ्ग की भाषा के शब्दों में आने वाले मूल मध्यवर्ती व्यञ्जनों का लोप करके उसे प्राकृत व्याकरण के नियमों के अनुसार महाराष्ट्री प्राकृत में बदल दिया है। शुब्रिंग महोदय ने आचाराङ्ग के सम्पादन में जिन-जिन हस्तप्रतों का उपयोग किया है उनमें मध्यवर्ती व्यञ्जनों का सर्वत्र लोप नहीं मिलना है और शुब्रिंग महोदय से कितने ही वर्ष पहले प्रो० हर्मन याकोबी (१८८२ ए.डी.) के आचाराङ्ग के संस्करण को तथा महावीर जैन विद्यालय, बम्बई के आचाराङ्ग के संस्करण (१९७७ ए.डी.) को देखें तो यह तथ्य स्पष्ट हो जाता है। अतः ऐसा कहना अनुचित नहीं होगा कि शुब्रिंग महोदय ने आचाराङ्ग का सम्पादन करते समय उसके रचना के काल और स्थल तथा उसी काल की पालि भाषा तथा अशोक के शिलालेखों की भाषा के स्वरूप का ध्यान नहीं रखा। इसके अतिरिक्त किसी भी प्राकृत वैयाकरण द्वारा अर्धमागधी प्राकृत का व्याकरण स्पष्ट तौर से नहीं लिखने के कारण शुब्रिंग महोदय ने महाराष्ट्री प्राकृत भाषा के नियम ही श्वेताम्बर जैन आगमों के प्राचीनतम ग्रन्थ की अर्धमागधी भाषा पर भी लागू कर दिये । आचाराङ्ग की विविध हस्तप्रतों में एक समान पाठ नहीं मिलने के कारण जहाँ-जहाँ पर भी शब्दों में मूल व्यञ्जन यथावत् पाया गया उनके विषय में उन्हें ऐसा आभास हुआ होगा कि वे शब्द संस्कृत भाषा से प्रभावित हुए हैं अतः उन्हें महाराष्ट्री प्राकृत में बदल दिया गया परन्तु 'इसिभासियाई' नामक ग्रन्थ की शब्दावली में वे अनेक जगह इस प्रकार का परिवर्तन नहीं कर सके क्योंकि सम्बन्धित शब्दों के इस प्रकार के पाठान्तर (मध्यवर्ती लोप) ही उपलब्ध नहीं थे। अनुवत्तन्ती २४.४९.११ अणु- (भी अनेक बार) इस संशोधनात्मक अध्ययन से इस नतीजे पर पहुँचते हैं कि जिनागमों का भाषा की दृष्टि से पुनः सम्पादन किया जाना अनिवार्य बन गया है। For Private & Personal Use Only www.jainelibrary.org
SR No.525040
Book TitleSramana 2000 01
Original Sutra AuthorN/A
AuthorShivprasad
PublisherParshvanath Vidhyashram Varanasi
Publication Year2000
Total Pages232
LanguageHindi
ClassificationMagazine, India_Sramana, & India
File Size10 MB
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