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________________ विनयविजय चारित्रविजय (पालिताना में गुरुकुल स्थापक के न्यायविजय विजयकमलसूरि दर्शनविजय ज्ञानविजय V ( त्रिपुटी महाराज) विजयमोहन सूरि विजयकेशरसूरि विजयधर्मसूरि विजयनेमिसूरि विजयेन्द्रसूरि (प्रसिद्ध इतिहास वेत्ता ) प्रतापविजय 1 विजयधर्म I विजययशोदेवसूरि विजयहेमप्रभ सूरि (विश्वविख्यात कलामर्मज्ञ, विजयमोहनसूरि के समुदाय के वर्तमान संघपति) जयन्तविजय आदि २४ शिष्य (विजयकेसरसूरिजी के समुदाय वर्तमान संघनायक) कांतिवजय विजयवल्लभसूरि चतुरविजयजी विजयसमुद्रसूरि पुण्यविजयजी (आगमप्रभाकर) विजयदेवसूरि (विजयनेमिसूरि के वर्तमान संघनायक ) समुदाय विजयानन्दसूरि उपा० वीरविजय (विजयवल्लभसूरि के समुदाय के वर्तमान संघनायक) विजयंदानसूरि विजयप्रेमसूरि विजयरामचन्द्रसूरि विजयभुवनभानुसूरि विजयइन्द्रदिनसूरि विजयमहोदयसूरि विजयजयघोषसूरि श्री ↑ भ (विजयप्रेमसूरि (विजयप्रेमसूरिं क समुदाय - १ के समुदाय - २ के वर्तमान संघनायक) वर्तमान संघनायक) र (विजयसिद्धिसूरि जी को समुदाय रं एक) तपागच्छ विजयसंविग्न शाखा का इतिहास
SR No.525036
Book TitleSramana 1999 01
Original Sutra AuthorN/A
AuthorShivprasad
PublisherParshvanath Vidhyashram Varanasi
Publication Year1999
Total Pages166
LanguageHindi
ClassificationMagazine, India_Sramana, & India
File Size6 MB
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