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________________ 178 : श्रमण/अप्रैल-जून/1995 धार्मिक शिक्षण शिविरों का भव्य आयोजन श्री दक्षिण भारतीय जैन स्वाध्याय संघ के तत्त्वावधान में मद्रास के विभिन्न जैन संघों की सहायता से ग्रीष्मकालीन धार्मिक शिक्षण शिविरों का भव्य आयोजन ११ अप्रैल १६६५ से ५ जून १६६५ तक किया जा रहा है। ये शिविर मद्रास के लगभग २० अलग-अलग स्थानों पर आयोजित किये जा रहे हैं। शिविरार्थियों के लिए आकर्षक पुरस्कारों की भी योजना है। ज्ञानाराधन के इस पुनीत कार्य के लिए "श्री दक्षिण भारत जैन स्वाध्याय संघ" को 'श्रमण' की तरफ से बधाई। शिविर के लिए इच्छुक व्यक्ति जानकारी हेतु सम्पर्क करें - श्री निर्मल मेहता _ श्रीमती कमला मेहता ३४८, मिण्ट स्ट्रीट, ४, रमनन रोड, साहूकारपेट, मद्रास – ७६. साहूकारपेट, मद्रास – ७६. दूरभाष – ५८१५४६. दूरभाष - ५२२५५७. महावीर पुरस्कार वर्ष १६६५ __ जैन विद्या संस्थान, दिगम्बर जैन नसियां भट्टारक जी, सवाई राम सिंह रोड, जयपुर - ४ द्वारा महावीर पुरस्कार के लिये जैन धर्म, दर्शन, इतिहास, साहित्य, संस्कृति आदि से सम्बन्धित किसी भी विषय की पुस्तक/शोधप्रबन्ध की चार प्रतियाँ दिनांक ३० सितम्बर १६६५ तक आमन्त्रित की जाती हैं। इस पुरस्कार में ११००१ रुपए एवं एक प्रशस्तिपत्र प्रदान किया जाएगा। पुस्तकें ३१ दिसम्बर १६६१ के पश्चात् ही प्रकाशित होनी चाहिए। अप्रकाशित कृतियाँ भी प्रस्तुत की जा सकती हैं जिनकी तीन फोटोस्टेट/टंकित प्रतियाँ सजिल्द अपेक्षित हैं। ___ संस्थान द्वारा संचालित अपभ्रंश साहित्य अकादमी में वर्ष १६६५ के "स्वयम्भू पुरस्कार" के लिए अपभ्रंश साहित्य से सम्बन्धित विषय पर हिन्दी अथवा अंग्रेजी में रचित रचनाओं की चार प्रतियाँ ३० सितम्बर, १६६५ तक आमंत्रित हैं, जो ३१ दिसम्बर १९८६ से पूर्व प्रकाशित या पुरस्कृत नहीं होनी चाहिए। "स्वयम्भू पुरस्कार" में ५००१ रुपये नकद एवं एक प्रशस्तिपत्र प्रदान किया जायेगा। संयोजक कमलचंद सोगानी Annual Awards Presentation at NATIONAL SEMINAR AHIMSA INTERNATIONAL is organising a National Seminar on "Animal -- Base of Indian Economy & Animal and Environment" from 9.00 A.M. to 6.00 P.M. on Saturday, 7 May, 1995 in Conference Hall of FICCI Federation House, 3rd floor, Tansen Marg, New Delhi -- 110 001. Jain Education International For Private & Personal Use Only www.jainelibrary.org
SR No.525022
Book TitleSramana 1995 04
Original Sutra AuthorN/A
AuthorAshok Kumar Singh
PublisherParshvanath Vidhyashram Varanasi
Publication Year1995
Total Pages88
LanguageHindi
ClassificationMagazine, India_Sramana, & India
File Size5 MB
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