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जैनविद्या 24
18. प्रमेयकमलमार्तण्ड 3.5 से 7 तक
19. जैन न्याय का विकास, पृ. 79
20. प्रमेयकमलमार्तण्ड परिशीलन, पृ. 103
21. जैन न्याय का विकास, पृ. 78
22. प्रमेयकमलमार्तण्ड 3.11
23. वही, 3.13
24. वही, 3.14
25. प्रमेयकमलमार्तण्ड, पृ. 419 से 441
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सह-आचार्य जैनोलोजी एवं प्राकृत विभाग, मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय, उदयपुर
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