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________________ बोतल पर 'देवदूत' (Angel) लिखने पर (रवा-विन्यास) बोतल पर 'दैत्य' (Demon) लिखने पर (रवा-विन्यास) डिग्री से. रखा गया। इस शीतलन पर पानी न केवल जम | इसके बाद डा. ईमोटो ने अपनी विधि का प्रयोग करते हुए जाता है बल्कि उसके रवे भी बन जाते हैं। फिर सूक्ष्मदर्शी बोतलों में रखे जल का रवाकरण किया तथा उनके चित्र कैमरे के द्वारा रवों के विन्यास के चित्र खींचे गये। चित्र | लिए। पहले जापानी भाषा के शब्दों का प्रयोग किया गया खींचने के लिए रवों को 200 से 500 गुना बड़ा किया फिर अंग्रेजी एवं जर्मन भाषाओं का प्रयोग किया। शोध गया। चित्र खींचते समय जमे हुए जल पर सूक्ष्मदर्शी से दल ने यह देखा कि अन्य भाषाओं में विलक्षण साम्य है। प्रकाश डाला गया। इस प्रकार पिघलते हुए बर्फ के शीर्ष उन्होंने देखा कि बोतल पर लिखे गए शब्द रवा विन्यास के पर रवों के विन्यास का अवलोकन करना सुगम था। मनुष्यों स्वरूप को प्रभावित करते हैं और उस शब्द के भाव को की आकृतियों की भांति यद्यपि ये विन्यास एक जैसी प्रकट करते हैं। एक ही शब्द यदि विभिन्न भाषाओं में आकृति नहीं ग्रहण करते थे परन्तु उनमें परिस्थितियों के लिखा गया है तो रवा विन्यास लगभग एक जैसा पाया अनुसार एक प्रतिमान (पैटर्न) अवश्य दिखाई देता था। गया। यहां प्रश्न यह उठता है कि क्या पानी कई भाषाएं ___ डा. ईमोटो और उनके सहयोगियों ने इस प्रकार 10000 समझता है और उसके अनुसार प्रतिक्रिया करता है? डा. से अधिक चित्र खींचे। इस लेख में दिए गए चित्र डा. ईमोटो इसका उत्तर देते हुए कहते हैं कि आपको यह बात ईमोटो एवं उनके सहयोगियों द्वारा लिए गए हैं। जल का समझने में आसानी होगी जब आप तरंगों एवं कंपनों के परिप्रेक्ष्य में सोचें। विभिन्न प्रकार के समानार्थी शब्द एक रवाकरण कई प्रकार की परिस्थितियों में किया गया। एक ही प्रकार की तरंगें पैदा करेंगे। पानी उन तरंगों से प्रभावित बोतल पर 'देवदूत' शब्द लिखकर चिपका दिया गया और दूसरे पर 'दैत्य' किन्हीं बोतलों पर 'तुमने मुझे बीमार कर होता है, भाषा से नहीं। कोई हिन्दी में धन्यवाद कह रहा है दिया' और 'मैं तुम्हें मार डालूंगा' लिखकर चिपका दिया तो कोई अंग्रेजी में या जापानी में। शब्द एवं ध्वनि के गया। अन्य बोतलों पर 'एडोल्फ हिटलर' तथा कुछ पर अलग होने के बावजूद विचार एवं तरंगें तो एक जैसी ही 'मदर टेरेसा' लिखा गया। कुछ बोतलों पर 'धन्यवाद' व रहेंगी। हो सकता है कि जल तरंगों में निहित भावनाओं कुछ बोतलों पर 'प्रेम' और 'सद्भावना' जैसे शब्द लिखे की भाषा समझता हो। गए। उपरोक्त वर्णित विविध शब्दों के लेबल लगे बोतलों तरंगों की बात तब और वजनदार प्रमाणित हुई जब में शुद्ध जल भरकर उसे 24 घंटे के लिए छोड़ दिया गया। | यह देखा गया कि 500 व्यक्तियों ने पानी को मानसिक न्यूयार्क के नल का जल (रवा-विन्यास) लन्दन के नल का जल (रवा विन्यास) 14 अक्टूबर 2004 जिनभाषित Jain Education International For Private & Personal Use Only www.jainelibrary.org
SR No.524290
Book TitleJinabhashita 2004 10
Original Sutra AuthorN/A
AuthorRatanchand Jain
PublisherSarvoday Jain Vidyapith Agra
Publication Year2004
Total Pages36
LanguageHindi
ClassificationMagazine, India_Jinabhashita, & India
File Size5 MB
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