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अनुसन्धान-७९
गाथाक्रमांक
शब्द पांपलि चीति चीति(त) जुआरि कडब नीआण महिता झटकी नटइ वरांस्यउ करिजगुल दाठिक छयल
शब्दकोश
अर्थ आळपंपाळ चित्त-इच्छा प्रमाणे चित्तमां जुवार सूकी चार निदान-निश्चे महेता-मंत्री झडपथी निंदा करे भूल करे छे । छेतरायो कुरुजंगल देश
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विगमि पडींगण
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पाथर नटसि सुणुह परीच्यु मांटी नीछेछी वेसास हथि
सकल / बधा जलबिन्दु-झाकलबिन्दु नीकळी गइ सारवार के भावी (?) दीकरी पथ्थर निंदा करशे । हांसी करशे कूतरो । श्वान परख्युं, परिचय कर्यो मर्दानगी । पुरुषातन तरछोडीने (?) विश्वास हाथथी श्रीपाल प्रतिज्ञा वात / गोष्ठी ?)
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सीपु
सपत (अथवा सीपु सपत