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________________ जून - २०१९ हाथ थकी नंग खोसिनइजी दैवई लीधो आज रांक न फिर पामीस कईजी रोयां नावई राज... म्हा० ८६ दुःख घणा संसारडेजी ओक ओकथी अणताग । राति दिवसि बालई घणुंजी पेट तणी वज्रांगि... म्हा० अणजाइ अक वातडीजी न हुआनइ निस्तार पिण जाइ परणी मरइजी ते बालेवो जिमवार... म्हा० ८८ दुःखरी दाधी अंजनाजी रुदन करई वारवार जिणरइ घटि वीती हूस्यइजी ते दुःख जाणणहार... म्हा० ८९ मामइ बा बीसी घणुंजी बाई म करिअ दोह परभवि तइं दीधु हस्यइजी ते तुझ लागो छोह... म्हा० ९० हटकी ल्यइ मन आपणुंजी सरजित न टलइ वात अह अवस्था से लखी इणि वेलां मे घात... म्हा० ढाल भणी त्रीजी इहांजी करमतणी निरधार बेटा किम जगी जीवस्यांजी जे कुल थोभणहार... म्हा० ९२ दूहा ऊछलतो भूमइ पड्यो हनुमंत नाम कुमार तुरत विमान रखाविउ आकासइ निरधार... धाई वांसइ ऊतर्यो कुमर पडतो देखि विसमा डुंगर खोहला सोझंतो सुविसेस... पडतारी अटकल करी आवी जोवई जाम कूमर सिला ते ऊपरई पडीयो दीठो ताम... पडतई घाडीलइ तणइ सिला करी चकचूर रमल करई आणंद घणई बेठो हरख पडूर... देखीनई अचरिज थयो मामांनई ततकाल ओ मानवरूपी नही दैव सरूपी बाल... बांह धरी बोलावीयो तेडी चुंब्यो मुख हृदय लगाडी भीडियो भागो मननो दुःख...
SR No.520579
Book TitleAnusandhan 2019 07 SrNo 77
Original Sutra AuthorN/A
AuthorShilchandrasuri
PublisherKalikal Sarvagya Shri Hemchandracharya Navam Janmashatabdi Smruti Sanskar Shikshannidhi Ahmedabad
Publication Year2019
Total Pages142
LanguageSanskrit, Prakrit
ClassificationMagazine, India_Anusandhan, & India
File Size9 MB
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