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निवेदन
'अनुसन्धान'नो आ चोथो अंक थाय छे. विद्वद्वर्गमां तथा विचारक अने विद्वान् साधुगणमां आनो शक्य वधु फेलावो तथा उपयोग थाय ते इच्छनीय छे. आथी ज आ अंकमां गत अंको करतां वधु सामग्री आपवामां आवी छे. ___ ऊहापोह ए शोध/अनुसन्धान, चालक बळ छे. कोई पण मुद्दा परत्वे 'आ आम ज छे' एवो एकान्त न सेवतां ते मुद्दा परत्वे मध्यस्थ, समतोल तथा साधार शोध/विमर्श चलाववो तेनुं नाम छे अनुसन्धान. "अनुसन्धान" आ दृष्टिथी प्रगट थती पत्रिका छे. विद्वद्वर्ग तथा विद्वन्मुनिगण आ पत्रिकामां जेटलो रस वधारशे तेटलुं आमां ऊंडाण तथा व्याप वधशे. आ बधुं लक्ष्यमां लईने आ पत्रिका माटे शोध-सामग्री मोकलतां रहेवा शोधकोने नम्र प्रार्थना.
-संपादको
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