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गॉडपार्टिकल)किखोजकिगयीतोपूरीदुनियानेविज्ञान औरउनवैज्ञानिकोकापूरीदुनियामेंनामहोगया,जोहोना भीचाहिए|परन्तुशायदकिसीनेयहनहीं सोचाकिइसभीमकायमशीन और अन्ययंत्रोकोबनानेमेंकितनेप्राकृतिक संसाधनोजैसेमिटटी,पानीऔरहवाकोदूषितकियागयाहोगा | और जैनधर्मके अनुसार, कितनेजीवोंकिहत्याहुईहो गी|तोजबयहकहाजाताहैकिऐसेप्रयोगोसेविज्ञानकेज्ञानमेंवृद्धिहोतीहै औरप्रकृतिकेनियमोकोसमझनेमेंसहाय
तामिलतीहै|परअगरज्ञानकिबातकीजातीहैतोइसबातकाभीज्ञानहमेहोनाचाहिएकिड्सप्रयोगसेकितने किलो ग्राममिटटी,कितनेकिलोग्रामपानी औरकितनेकिलोलीटरहवादूषितहुईतथाभविष्यमेंइसका आमविश्वनागरि ककेस्वस्थ्यपरक्याप्रभावपड़ेगा
इनसबउदाहरणोंमेंहमदेखते है किजबप्रयोगछोटेस्तरपरकियेजातेहैतोसभीवैज्ञानिकोकेभावबहुत अच्छे होते है औरऐसेप्रयोगोमेंचर(Variables) औरप्रचर (पैरामीटर्स) किसंख्यायेकाफीकमहोती है औरपरिणामश्रेष्टआते है | प रजबइन्हीप्रयोगोकोबड़ेस्तरपरलेजायाजाताहैतो अन्यचर (Variables) औरप्रचर (parameters) भी जुड़तेजातेहै| जैसेE=mc”केउदहारणमेंराजनीतिज्ञोंकेस्वार्थ औरदूसरेचर औरप्रचर, जोमुख्यखोजकेसमयगौणथे,परबादमें जाकरवेमहत्वपूर्णहोजातेहै|कृषिवैज्ञानिकजबछोटीछोटीक्यारियोंमेंप्रयोगकरतेहै,तोइनवैज्ञानिकोकीभावना एफसलकेउत्पादनबढ़ानेपर औरलोगोकाभलाकरनेकीहीरहतीहै| परन्तुरासायनिकखाद, कीटनासक औरपानी वगेरहऔरसाथमेंकिसानका ज्यादापैसाकमानेकाभाव, राजनीतिज्ञोंका औरउद्द्योगपतियोंकाज्यादापैसा और ज्यादाशक्तिहासिलकरनेवगेरहकेभाव, बादमें जुड़तेजातेहै| इसीतरहमोबाइलऔर आईफ़ोनकीउदाहरणमेंस्मृ तियाइसकेज्यादाइस्तेमालसेलतपढ़नेकाविचारभीशुरूमैनहींहोताहै| इसीतरह, जबहिग्ग्सबोसोनकीखोजकी लिएमशीनकीकल्पनाकीजातीहैतोपर्यावरणपरउसके प्रभावकाकोईध्याननहींरखाजाताहै|
अगरविज्ञानकेविधिकाध्यानसे अध्ययनकरेतोपातेहैकिकिसी भीवैज्ञानिकप्रयोगकियोजनासबसेपहले किसी व्यक्तिकेमस्तिष्कमेंबनती हैतथाजोअंतिमपरिणाम आते हैउनसबकिव्याख्याअंततःव्यक्तिकेमस्तिष्कसेही होतीहै|तोमुख्यरूपसेजितनावैज्ञानिकज्ञानकाविकासऔरउनकी व्याख्याएहोतीहैउनसभीमेंमानवमस्तिष्क काहीसबसेमहत्वपूर्णयोगदानहोताहै| अगरमानवमस्तिष्ककीकार्यप्रणालीमें आत्माकोशामिलकियाजाए तो
ससबप्रक्रियामेंमानवकीआत्माकाकुछनकुछयोगदानजरुरहोताहै|
विज्ञानमेंमानवकेआत्माकीकल्पनाक्वांटमयांत्रिकीमें भीकीगयी है| प्रसिद्धक्वांटमयांत्रिकीकेवैज्ञानिक श्रीडेविड भोमकेअनुसारकोईभीक्वांटमकणजैसेकेड्कएलेक्ट्रोनलहरकीतरहयाकणकीतरहभीव्यवहारकरताहै।
परकिस
प्रयोगमेंवहलहरकीतरहयाकणकीतरहव्यवहारकरेगावहउसवैज्ञानिकके आत्माकीस्थितिपरनिर्भर करता है वहवैज्ञानिकउसकणकेकिसरूपकोदेखनाचाहता है, यानि अगरप्रयोगकणरूपदेखनेलिएकियाहैतोवहकणरूपदे
खेगाऔरअगरवैज्ञानिकउसप्रयोगकोउसकेलहररूपकोदेखनेकेलिएकियाहैतोवहउसकेलहररूपकोहीदेखेगा|पू
रादारोमदारप्रयोगकरनेवालेवैज्ञानिककी आत्माकीस्थितिपरनिर्भरकरताहै|
परन्तुविज्ञानमेंआत्माकेविचारकीजरुरतप्रसिद्धवैज्ञानिकगोडेलकेदोअपूर्णप्रमेयो(twoincompletenesstheor ems)केबादसबसे ज्यादामहसूसकीजातीहै| सरलभाषामेंइनप्रमेयोकाअर्थयह है किमानव अपने किसीभीभाषाया