SearchBrowseAboutContactDonate
Page Preview
Page 2
Loading...
Download File
Download File
Page Text
________________ जबमहानविज्ञानिकअल्बर्ट आइंस्टीननेE=mc केसिद्धांतकीखोजकीतोउनकेमनवमस्तिष्कमेंउससमयशाय दयहबातरहीहोगीकिप्रकृतिकेसिद्धांतोकोऔरव्यवहारकोसमझाजाय,औरउनकोमानवजातिकेहितमेलगाया जायापरडसखोजकापताजबअमेरिका.सोवियतसंघऔरब्रिटेनकेराजनीतिज्ञोंकोलगातोउससमयविश्वयुद्धमें जापानकेकारण,इनदेशोकोहारकासामनाकरनापड़रहाथा इसलिएइनराजनीतिज्ञोंकेदिमागमेंजापानकोसबक सीखनेकेलिएइसखोजकाइस्तेमालकरनाचाहा तोउन्होंनेपरमाणुबमबनानेकाविचारकियाऔरबादमेंइसकाउ पयोगहिरोशिमाऔरनागासाकीपरकिया,जिनकेविनाशकेपरिणामसबजानतेहै।यहाँपरजबE=mc केसुत्रकि आइंस्टीननेखोजकीतोउससमयआइंस्टीनकेमस्तिष्कमेंक्याभावथेऔरउसीसत्रकेखोजलिएजानेपरअमेरि का,सोवियतसंघऔरब्रिटेनकेराजनीतिज्ञोंकेमस्तिष्कमेंक्याभावथे,उनकेअंतरऔरदोविभिन्नमनस्थितियो कोसमझनाअत्यधिकजरुरीहै। आईये,एकऔरउदहारणदियालियाजाय आजसेलगभगचालीसवर्षपहलेजबगेहकीउत्तमनस्लों(highyieldin gvarieties)कीखोजहुईथी,जोप्रयोगकियेगएथे,वेकुछछोटीछोटीक्यारियोंमेंकियेगएथकृषिविज्ञानिकोकापूरा ध्यानउत्पादनबढ़ानेपरथा|एकबारजबकुछअच्छीउत्तमगेहूकीनस्लोंकापतालगगया,तोसरकार,राजनीतिज्ञों औरबेंक्सनेमिलकरइसशोधकाउपयोगबड़ेक्षेत्रमेंकरनेकानिर्णयकिया,औरइसकार्यमेंलाखोकिसानोकोशामि लकियागया,जिन्होंनेइननस्लोंकाउपयोगकियाऔरजिसकेपरिणामकुछहीवर्षोमें आनेलगे|सरकार,जनता,बें क्सऔरकृषिवैज्ञानिकसबखुशहोगए परजैसेकुछऔरसमयव्यतीतहुआतोसबनेदेखाकी,इननस्लोंसेशुरूमेंतोउत्पादनअच्छाबढ़ापरबादमेंजाकरउ सीउत्पादनकोलेनेकेलिए,ज्यादारासायनिकखादोऔरकीटनासकदवाइयोंकाइस्तेमालकरनापड़ाऔरपानीकी मात्राभीज्यादालगनेलगी इनसबकाआखिकारपरिण केलाखोलोगोकेलाखोहेक्टेयरक्षेत्रोमेंमिटटी किउत्पादकताकमहोगयीऔरउसमेअम्ब्लियाऔरक्षारीयरसायनोकीमात्राबहुतज्यादाबढ़गयी जमीनकेपानी कास्तरअत्यधिकनीचेचलागया औरस्थितियहाँतकबिगड़ीकीऐसाअन्नखानेवालेलोगोकोकैंसरजैसेभयानक रोगोकाभीसामनाकरनापड़रहाहै। आइयेएकऔरउदाहरणलियाजाय आजकलमोबाइलऔरआईफ़ोनकाप्रचलनअत्यधिकबढ़गयाहै जिसव्य क्तिनेइसेपहले(जैसेकिश्रीमानस्टीवजॉब्स)नेबनानेकाविचारकियाथा,उन्होंनेशायदसोचाहोगाकिऐसेउपकर णसेलोगअपनेघरोमेंबैठेबैठे,अपनेसेदरबैठेमित्रोऔररिश्तेदारोसेआसानीसेसंपर्ककरपायेंगेवएकसरोकोतस्वीरेंतथावीडियोभीभेजपा एंगे पर उन्होंनेयहकभीभीनहींसोचाहोगाकिइनउपकरणोंकाउपयोगएकलतबनजायेगाऔरइनकेज्यादाइस्ते मालऔरनिर्भरतासेलोगोकिस्मृति(memory)काफीकमहोजाएगीकिजोलोगपहले२०५०फ़ोननंबरयादरखसकतेथे,वेअबदोचारनंबरभीमुश्किलसेयादरखपायेंगे आखिरएकऔरउदारहणलियाजायजबजिनेवामेंएकभीमकायlargehadroncollider(LHC)भौतिककणोके अध्ययनकेलिएबनायागयाऔरदोप्रोटॉनोंकोप्रकाशकेतल्यगतिप्रदानकरऔरउन्हीटकराकरकेईश्वरीयकण(
SR No.269188
Book TitleVigyan ke Gyan ki Sima aur Atma ke Anant Gyan ka Mahattva
Original Sutra AuthorN/A
AuthorSurendra Singh Pokharna
PublisherSurendra Singh Pokharna
Publication Year
Total Pages4
LanguageHindi
ClassificationArticle
File Size88 KB
Copyright © Jain Education International. All rights reserved. | Privacy Policy