________________ | 78... ..... . जिनवाणी- जैनागम-साहित्य विशेषाङ्क 29 प्रमाणनयतत्त्वालोक 4.5, जैन तर्क भाषा , '5.15 30. रत्नकरण्डक श्रावकाचार टीका-४ 31. अनुयोगदार हारिभद्रीयवृत्ति 4.38. पृ. 25 32. तव मलधारीयटीकापत्र 202 33. राजवार्तिक 6.13.2 34. भाष्यानुसारिणी टीका, पृ. 87 3... नियमसार गाथा 8 36. भाष्यानुसारिणी वृनि 1.3. पृ. 40 37. धवला 3.12.123 38. धर्मपरीक्षा 18.74 39. जीतकल्पसूत्र विषमपदव्याख्या, श्री चन्द्रसूरि, पृ.३३ 40. रत्नाकरावतारिका 4.1. पृ. 35 41. आवश्यकनियुक्ति, मलयवृत्ति 21, पृ. 33 42. नन्दोसूत्र 43 43. विशेषावश्यकभाष्य, गाथा 552 mmmm Jain Education International For Private & Personal Use Only www.jainelibrary.org