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________________ चन्द्र सूर्य के गमन क्षेत्र की गली को चार क्षेत्र कहते हैं। यह चार क्षेत्र सूर्य बिंब (विस्तार) के परिमाण 510 योजन है। जम्बूद्वीप के चार क्षेत्र का विस्तार जम्बूद्वीप में मात्र 180 योजन ही है, शेष 330 योजन विस्तार लवण समुद्र में है। पुष्करार्ध पर्यन्त अवशेष द्वीप समुद्र संबंधी सूर्य-चन्द्र अपने-अपने क्षेत्र मे ही विहार करते हैं। संदर्भ 1 षद्रव्य की वैज्ञानिक मीमांसा, डॉ. नारायण लाल कछारा, 2007 2 विश्व विज्ञान रहस्य, आचार्य कनकनंदी, 1991 3 स्वतंत्रता के सूत्र, आचार्य कनकनंदी, 1992 4 मोक्ष शास्त्र (तत्वार्थ सूत्र), पं. पन्नालाल जी 'बसन्त', 1978 5 विश्व प्रहेलिका, मुनि महेन्द्रकुमार, 1969 12
SR No.212415
Book TitleLok
Original Sutra AuthorN/A
AuthorNarayanlal Kachara
PublisherNarayanlal Kachara
Publication Year
Total Pages12
LanguageHindi
ClassificationArticle & 0_not_categorized
File Size564 KB
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