________________ उपयुक्त प्रश्न को निम्न ढंग से हल किया गया है। - यदि C+C+C+......... =C हो तो C-- Cilti 1/1+in/totis/ts+............... विभिन्न अवधियां ज्ञात करने का उदाहरण इस प्रकार है इस प्रश्न में दिये गये मूलधन 40, 30, 20 और 50 हैं तथा संवादी ब्याज-राशियां क्रमशः 10, 6, 3 और 15 हैं। विभिन्न अवधियों का मिश्रयोग 18 है। बतलाओ कि ये अवधियाँ कौन-कौन सी हैं ? इसका हल इस प्रकार है - .___tit/C यदि 11+2+to+......... =t हो तो - + +....." (21 वर्ग समीकरण - वर्ग समीकरण का नियम बहुत प्राचीन है। इसका प्रयोग वैदिक रचनाओं में हआ है। सरल वर्ग समीकरण 4x*...4dx= -C का ज्यामितीय हल 500 ई०पू० से 300 ई०पू० के प्राचीन जैन ग्रन्थों में तथा उमास्वाति (150 ई०प०) के 'तत्त्वार्थाधिगम सूत्र' में इस इस प्रकार दिया है x= (d-d-c) 'बक्षालीहस्तलिपि' (200 ई०) में भी बर्ग समीकरण का उल्लेख मिलता है। 'गणितसारसंग्रह' में भी वर्ग समीकरण के उदाहरण मिलते हैं। यथा "ऊँटों के झंड का भाग वन में देखा गया / उस झुंड के वर्गमूल का दुगना भाग पर्वत के उतारों में देखा गया। के तिगुने नदी के तीर पर देखे गये। ऊँटों की कुल संख्या क्या है ?"5 यदि झुंड में ऊँटों की संख्या : है तो, प्रश्नानुसार 1 +2/x +15=x या (1-1 ) -24x --15=0 इसका हल इस प्रकार दिया गया हैयदि समीकरण ( 1-4)x-Cvx =d हो, तो वर्ग समीकरण के दो मूल-वर्ग समीकरण के दो मूल होते हैं, यह बात महावीराचार्य भली-भांति जानते थे। उनके ग्रंथ में उद्धृत उदाहरणों से यह बिल्कुल स्पष्ट है / यथा - "झंड के 1वें भाग द्वारा गुणित मयूरों के झुंड का 16 वां भाग आम के वृक्ष पर पाया गया। शेष के भाग द्वारा गुणित शेष का वाँ भाग तथा शेष 14 मयू रों को तमाल के वृक्ष पर देखा गया / बतलाओ, वे कुल कितने हैं ?"? 1. गणितसारसंग्रह, अध्याय 6, गाया 39 2. वही, अध्याय 6. गाथा 43 3. वही, अध्याय 6,गाथा 42 4. Dalta, Geometry in the jain cosmography, Quellen and Studien zur Gas. d math Ab & Bd, (1931) pp. 224-254 5. गणितसारसंग्रह, अध्याय 4, गाथा 34 6. वही, अध्याय 4, गाथा 33 7. वही, अध्याय 4, गाथा 59 आचार्यरत्न श्री देशभूषण जी महाराज अभिनन्दन ग्रन्थ Jain Education International For Private & Personal Use Only www.jainelibrary.org