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________________ प्रस्तावना भी अधिक समय से मैं स्वास्थ्य सम्बन्धी विषयों पर हा हूँ। जब मैं इंग्लैंड में था, तब अपने विशेष रहनमुझे अपने खाने-पीने का खास प्रबन्ध करना पड़ता से मेरा जो कुछ अनुभव इस विषय में हुआ है, उसे चाहिये। उसी अनुभव के आधार पर मैंने कुछ खास र किया है और उन्हीं को अपने पाठकों के लाभार्थ लिख • एक कहावत है कि " रोग दूर करने की अपेक्षा उसे न अच्छा है ।" रोगों को होने देने से उसे रोक देना बहुत भदायक है। क्योंकि वे अधिकांश में हमारी अज्ञानता नी से हुआ करते हैं । अतः यह सभी विचारशील मनुष्यों कि वे स्वास्थ्य के नियमों को अच्छी तरह समझें । इस ने का मुख्य उद्देश्य उन्हीं नियमों को समझना है। साथ न्य रोगों का उपचार भी बतलाना है । विद्वान् का मिल्टन कथन है कि हम चाहें तो स्वर्ग र्क को स्वर्ग बना सकते हैं । यह बात हमारे आधीन है । नमान में नहीं है, और न नर्क कहीं जमीन के अन्दर । संस्कृत के श्लोक में भी कही गयी है कि "मन एवं मनु
SR No.100004
Book TitleSwasthya Sadhan
Original Sutra AuthorN/A
AuthorMohandas Karamchand Gandhi, Gandhiji
PublisherGandhi Granthagar Banaras
Publication Year1951
Total Pages117
LanguageHindi
ClassificationInterfaith & Interfaith
File Size16 MB
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