SearchBrowseAboutContactDonate
Page Preview
Page 22
Loading...
Download File
Download File
Page Text
________________ रहने वालों की अपेक्षा अधिक कोमलांग होते हैं। इसका कारण यही है कि शहर वालों को कम हवा और कम रोशनी मिलती है। इससे सिद्ध होता है कि हवा और रोशनी स्वास्थ्य के लिए अति आवश्यक हैं अतः प्रत्येक व्यक्ति को इन दोनों चीजों का विशेष ध्यान रखना चाहिये । ४-जल हवा के बाद जल का नबर आता है। जीवन के लिए हवा की भाँति पानी की भी अत्यन्त आवश्यकता है। हवा के बिना मनुष्य चन्द मिनटों से अधिक जिन्दा नहीं रह सकता, लेकिन पानी के बिना कुछ दिनों तक जिन्दा रह सकता है। भोजन के बिना मनुष्य केवल पानी के सहारे बहुत दिनों तक रह सकता है। हमारे खाद्य-पदार्थों में सत्तर प्रतिशत पानी का अंश है और इसी अनुपात से हमारे शरीर में भी पानी का अंश है। हमारे लिए पानी एक अत्यन्त आवश्यक वस्तु है, फिर भो उसकी रक्षा हम कम करते हैं। हवा और जल के सम्बन्ध में असावधानी रहने ही से हमें कितने भयंकर रोग आ घेरते हैं । गन्दा पानी पीने से बहुधा पथरी का रोग होता है। पानी दो तरह से गन्दला हो सकता है। या तो उसके निकलने का स्थान गन्दा हो या हम लोग उसे गन्दा करें। यदि पाना गन्दी जगह से निकलता हो तो हमें नहीं पीना चाहिए; प्रायः हम लोग ऐसा पानी पीते हैं। लेकिन जो पानी हम स्वयं गन्दा करते हैं उसे पीते हम जरा भी नहीं हिचकते। नदी का पानी सबसे निमल समझा जाता है, यद्यपि हम लोग उसमें कूड़ा-करकट फकते हैं और गन्दे कपड़े धोते हैं । हमें नियम बना लेना चाहिए कि हम उस पानी को भी न पोय, जिसमें लोग स्नान करते हैं। नदी की
SR No.100004
Book TitleSwasthya Sadhan
Original Sutra AuthorN/A
AuthorMohandas Karamchand Gandhi, Gandhiji
PublisherGandhi Granthagar Banaras
Publication Year1951
Total Pages117
LanguageHindi
ClassificationInterfaith & Interfaith
File Size16 MB
Copyright © Jain Education International. All rights reserved. | Privacy Policy