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________________ विषयानुक्रम सन्धि -१ भगवानका गर्भावतरण, जन्म और तप [२-२३] कवक १ मंगलाचरण तथा काव्य-रचनाकी प्रतिज्ञा। २ जम्बूद्वीप, पूर्वविदेह, पुष्कलावती देशके वनमें पुरुरव नामका शवर और शबहरी । ३ शबरीका मुनिको मारनेसे शबरको रोकना और उसे मुनिका धर्मोपदेश । ४ अयोध्या नगरीके राजा भरत चक्रवर्ती । ५ भरत चक्रवर्तीकी रानी अनन्तभतीने उस शबरके बीवको मरीधि नामक पुत्रके रूप में जन्म दिया। ६ मरीचिका जीव पुष्पोत्सर नामक स्वर्गके विमानसे आकर राजा सिद्धार्थ व रानी प्रियकारिणी निशलाका पुष हुआ। " कुण्डपुरकी शोभा। ८ प्रियकारिणी देवीका स्वप्न 1 ९ तीर्थकर महावीरका गर्भावतरण, जन्म तथा मन्दराचल पर अभिषेक । १. भगवान्का नामकरण, स्वभाव-वर्णन, बाल-क्रीडा तथा देव द्वारा परीक्षा । ११ भगवान्को मुनि-दीक्षा। सन्धि-२ केवलज्ञानोत्पत्ति २४-३७] १ कूलग्राममें भगवानको आहारदाम । २ उज्जैनी में भगवान्की रुद्र द्वारा परीक्षा। ३ रुद्रका उपसर्ग विफल हुआ। ४ कौशाम्बी में चन्दना कुमारी द्वारा भगवान्का दर्शन ।
SR No.090534
Book TitleVeerjinindachariu
Original Sutra AuthorPushpadant
AuthorHiralal Jain
PublisherBharatiya Gyanpith
Publication Year1974
Total Pages212
LanguageHindi, Apbhramsa
ClassificationBook_Devnagari & Story
File Size3 MB
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