SearchBrowseAboutContactDonate
Page Preview
Page 217
Loading...
Download File
Download File
Page Text
________________ २०८] अभिमानी व्यक्ति अपमानित होने पर विदेश में ही आश्रय लेते हैं । युवराज महापद्म ने उसे प्रधानमन्त्री नियुक्त कर दिया। (श्लोक ३८-३९) __ महाबल के राज्य सीमान्त में सिंहबल नामक एक राजा राज्य करते थे। जिस प्रकार आकाश में अवस्थान करने के कारण राक्षस शक्तिशाली होते हैं उसी प्रकार सुदृढ़ दुर्ग में अवस्थान करने के कारण वे शक्तिशाली थे। वे बार-बार महापद्म के राज्य पर आक्रमण कर स्वदुर्ग को लौट आते थे; किन्तु कोई उन्हें न पकड़ पाता न पराजित कर पाता । महापद्म ने एक दिन नमूची से कहा'सिंहबल को पकड़ने का क्या आप कोई उपाय जानते हैं ?' नमूची ने उत्तर दिया-'युवराज मैं जानता हूं पर यह कैसे कहूं ? तब तो घर में बैठा मैं गर्व कर रहा हं यही अपवाद मेरे नाम के साथ जुड़ जाएगा। स्व-कौशल का प्रयोग कर परिणाम दिखाकर मैं आपको प्रश्न का उत्तर दूंगा । जो विज्ञ होते हैं वे भी कौशल के विषय में कुछ कहने की इच्छा नहीं करते ।' (श्लोक ४०-४४) __महापद्म यह बात सुनकर आनन्दित हुए और नमूची को आदेश दिया। नमूची तत्क्षण चक्रवात की तरह सिंहबल के दुर्ग के पास गया ओर कौशल का प्रयोग कर दुर्ग में प्रविष्ट हुआ । सिंह जिस प्रकार हरिण को पकड़ता है उसी प्रकार उसने सिंहबल को पकड़कर महापद्म के सम्मुख उपस्थित किया। महापद्म ने प्रसन्न होकर नमूची से वर माँगने को कहा। नमूची ने उत्तर दिया'मैं यथासमय इस वर को मांगेगा।' उद्देश्यपूर्ण होने से महापद्म नमूची सहित युवराज की भाँति राजकार्य देखने लगे। (श्लोक ४५-४८) महापद्म की माँ ने संसार समुद्र को अतिक्रमण करने के लिए कर्णीरथ की भाँति अर्हतबिम्ब के लिए एक रथ निर्मित करवाया। उसके विरुद्धाचरण के लिए मिथ्यामतावलम्बिनी उनकी सौतेली माँ लक्ष्मी ने ब्रह्मा के लिए एक रथ बनवाया और राजा से बोली'नगर में पहले ब्रह्मा का रथ निकलेगा, उसके बाद अर्हत् का।' ज्वाला बोली-'यदि अर्हत् का रथ प्रथम बाहर नहीं निकला तो वह अनशन ग्रहण कर लेगी।' इसी स्थिति में राजा ने दोनों ही रथों का निकलना बन्द करवा दिया। निरपेक्ष व्यक्ति इसके
SR No.090516
Book TitleTrishashti Shalaka Purush Charitra Part 4
Original Sutra AuthorN/A
AuthorGanesh Lalwani, Rajkumari Bengani
PublisherPrakrit Bharti Academy
Publication Year1992
Total Pages230
LanguageHindi
ClassificationBook_Devnagari, History, Story, & Biography
File Size17 MB
JainGPT.orgInstagram
Copyright © Jain Education International. All rights reserved. | Privacy Policy