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________________ अध्याय नौवां ] काल प्रमाण क्रमांक रुद्रों के नाम | पूर्व पात्र में से कुमार कालादि | शरीर की ऊंचाई. कुमार काल प्रमाण प्रगान संयमकास प्रभारण नागे कौन । तर भंग काल | पुर्ण आयु कौन कौन से तीर्थंकरों से गति प्रमाणकास प्रमाण के तीर्थ काल में हो प्राप्त की १ भीम (महावली) ५०० २७६६६६६ पूर्ण २७६६६६८ पूर्व २ बली जिसशत्र) ४५० २७६६६६६ पूर्व ८६ लाख पूर्व ऋषभनाथ के तीर्यकाल में हो गये २३६६६६. १ , अजितनाथ ६६६६६ .. . , पुष्पदन्त । ३३३३३१ , शीतलनाथ २८ लाख दार्थ ८४ लाख वर्ष बांसनाथ नरक गये , , २३६६६६६, २३६६६६८, ६६६६६, ६६६६८, ३३३३३, ३३३३४ ॥ २८ लाख वर्ष २० लाख वर्ण ४ विश्वानल (वैश्वानर) १० .५ सुप्रतिष्ठ ६ अचल (बल) १६६६६६६ वर्ष १६६६६६८ वर्ण १६६६६६६ वर्ष ५० ८ अजितघर है जितनाभि(प्रजितनाभि) २८ १० पीठ २४ ११ महादेव (सात्यकी ७ हाथ " विमलनाथ अनन्तनाथ , धर्मनाथ । शान्तिनाथ वर्ण महावीर ३३३३३३, ३३३३३३४ । ३३३३३३ । , ३४ , २ . १० ६७ , , पुत्र-स्थाप) ३ री भूमि १ यह रुद्र पर नरक से आने वाले जीवों को कभी भी प्राप्त नहीं हो सकता है, पैसा नियम है। २ सब ही रुद्र अधोगामी अर्थात अधोलोक जाने वाले होते हैं। [८०१ Durawastimanumanusereesmanmaan-meani -man
SR No.090436
Book TitleGommat Prashnottar Chintamani
Original Sutra AuthorN/A
AuthorDigambar Jain Kunthu Vijay Granthamala Samiti Jaipur
PublisherDigambar Jain Kunthu Vijay Granthamala Samiti
Publication Year
Total Pages1124
LanguageHindi
ClassificationBook_Devnagari, Religion, & Karma
File Size37 MB
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