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८००
क्र.
。 ]
२
"
आयु प्रमाण
व
*
१
८७ लाख वर्ष पांसनाथ के तीर्थकाल मण पंचगिरी थे
में हुए
1919
७३७
बल देव का वर्णन -
१७
१२
६१२
"
३६७
विमलनाथ
३७
अनन्तनाथ
धर्मनाथ
५.
१७ 39
६ ६७ हजार वर्ष अरहनाथ और मल्लिनाथ
के अन्तराल काल में हुए।
:
कौन-कौन से तीर्थकरों निवल क्षेत्रों के के वीर्यकाल में हुए
नाम
हैं ।
.
S
१३
वासुपूज्य के तीर्थकाल भें हुए
32.
77
18:
33
4
मुन
और महिषनाथ
के अन्तराल काल में हुए
नेमिनाथ के तीयं काल में हुये है ।
गजपंचाविरि
मुनिसुव्रत और नमिनाथ तुंगीगिरी के अंतरात काल में हुए।
-
आने फोन मी गती प्राप्त
की
१५
सिद्धगये
सिद्ध भये
स्वर्ग ये
[ गो. प्र. चिन्तामरिग
afroयस्काल में होने वाले
६ बलदेव के नाम
१६
चंद्र
महाचन्द्र
वरसन्द्र
वरचन्द्र
सिंह
हरिचन्द्र
श्रीच
: पूर्णचन्द्र
शुभचन्द्र
अतीत काल केट बल
देव के
नाम
१७
श्री कान्त
hafer
बरबुद्धि
मनोरथ
दयामूर्ति
विपुलकीत
प्रभाकर
संजयन्य
जमन्त