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________________ पिछले भव के स्वगों के नाम कहां से आए P महागुक्र स्वर्ग पौदनापुर. vina tad 31 राजधान "1 ७ सहस्त्रार ब्रहा.. चक्रपुर कुमायपुर महेन्द्र सौधर्म मिथिलापुर सनत्कुमार स्वर्ग अयोध्या महाशुक्र " मथुरा " प्रजापति द्वारकापुर ब्रह्मभूत ferornपुर रौद्रनन्द सौम प्रख्यात " 0 जनक (पिता) 5 सभी नारायण शिवाकर दशरथ वसुदेव जननी, (माता) € भृगावती 'माधवी पृथिवी सीता श्रम्बिका लक्ष्मी केशिनी सुमित्रा देवकी शरीर की ऊंचाई (धनुष ) १०. ५० ७० なる ४५ २६ २२ जन्म भूमि १६ १० प्रर्धचक्री होते हैं कुमार काल मांडलिकराजा विजय कान वर्ण वर्ष- वर्ण ११ २५००० २५००० १२५००. ७०० ३०० २५० २०० १०० १६ १२ २५००० २५००० १२५०० १३००. १२५० २५० ५० ܪ ५६ १३ १००० १०० ६० ८० ७० ६० ५० ४० ५ अपूर्ण आयुकाल पदानियों राज्य म प्रमाण के नाम वर्ष काल प्रमा वृष ". १४ १५ १२००० १२ १००० १ ८३४६००० ८४ लाख व सुमद्रा '७१४१६०० ७२ रुपिणी ५६७४६१०. ६० भवा २६६७६२०.३० ६६०३५० १० ६४४४० ६५ हजार, ३२००० ३२ 11 " er 27 " १५ " मनोहरा " आनन्दवती प्रभावती रुक्मिणी सुनेवा विमलसुन्दरी अध्याय नौवां ] [ ७६५
SR No.090436
Book TitleGommat Prashnottar Chintamani
Original Sutra AuthorN/A
AuthorDigambar Jain Kunthu Vijay Granthamala Samiti Jaipur
PublisherDigambar Jain Kunthu Vijay Granthamala Samiti
Publication Year
Total Pages1124
LanguageHindi
ClassificationBook_Devnagari, Religion, & Karma
File Size37 MB
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