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________________ पूर्ण प्रायु में से कुमारकालादि काल प्रमाण | कुंमारकाल क्रमांक प्रमाण | मांडलिक राजा काल प्रमाण विजयकाल प्रमाण चक्रवशिरव का काल प्रमाण ___ संयम काल पुणं प्राय कौन कौन से तीर्थकर के प्रभाग _काल प्रकरण : तीर्थकाल में हो गये अध्याय वौवां ] ५ १ ७७ लाख पूर्व १००० वर्ष ६०००० व ८३ लाख पुर्व वृषभनाथ के तीर्थ काल ११ हजार वर्ष कम एक लाख पूर्व ६ लाख पूर्व ० , १२, ३६००० वर्ष ५०००० वर्ण ३००००. १००००, २५००० वर्ण ५००००। १००००, २५००० । ७२ ॥ अजितनाथ ॥ , धर्मनाथ और शान्तिनाथ के यंतराल फाल में हो गये। ३ लाख वर्ष १ अाप स्वयं चक्रवर्ती थे। ६२००० ६०००० २४२०० २३१५० ।। २०६०० । २५०००, २३७५ ० . १०००००, २५००० २३७५० २१००० ६००, ४०० " २१००० ।। ५००० ६०००० ५००, ३०० १८०८ अरहनाथ और मल्लिनाथ के अंतराल काल में हो गये। मल्लिनाथ और मुनिसुव्रत दुनिसहत और ३५०, १०००० ,, नमिनाथ } १२ २८ , नामिनाथ और मेमिनाथ नेमिनाथ और ५६, १६, ६०० 10 पार्श्वनाथ
SR No.090436
Book TitleGommat Prashnottar Chintamani
Original Sutra AuthorN/A
AuthorDigambar Jain Kunthu Vijay Granthamala Samiti Jaipur
PublisherDigambar Jain Kunthu Vijay Granthamala Samiti
Publication Year
Total Pages1124
LanguageHindi
ClassificationBook_Devnagari, Religion, & Karma
File Size37 MB
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