SearchBrowseAboutContactDonate
Page Preview
Page 842
Loading...
Download File
Download File
Page Text
________________ अध्याय: नौवां ] १३ तीन दिन के बेला [२] माघ शु. ६ अपरान्ह उत्तराषाढ़ २५ ॥ हस्तिनापुर श्री ऋषभ देव के सिवाय बाकी समी ने गो क्षीर [गाय के दूध से बना हुमा क्षीराम [खीर] अर्थात् दूध के नाना प्रकार के पकवान की पारणा की थी। विशाख १५ लामा परी [जयकुमार [धाग्यवरपुर] . धाग्यसेन अयोध्या ७५० हजार वर्ष [विशावभूति] [धर्म मानपुर) धर्ममित्र पटना २५० , [सुमिय] सीमनसपुर] सुमित्र मन्दरपुर [प्रिय मित्र) [सौमनसपुर] अपराजित २३७५० वर्ष [घरदाराजा] [मन्दिरपुर] नन्दी पक्रपुर (गजपुर २१००० , अपराजित मन्दिरेन मिथिता ५४३ [विषयदत्त] [चक्रहरपुर] वृषभदत राजगृही (मिथिलापुर] दत्त औरपुर बरदस्त [संयोगपुर वरदत्त हारिका [चारुदत्त] [विखरपुर धान्यसेन गुलमलेट [धनदत्त] [द्वारावती नन्दन कुठलपुर ४२, [विश्वसेन चैत्र कृ. १५ 1 रेवती सेला [३] पीष्म शु. ३० , पुष्य । बेला षष्ठोपचास , भरणी चैषशु.३ कृतिका कार्तिक शु. १२ , रेवती मागं शीर्ष शु. ११, अश्विनी वैशाख क. . पूर्वान्ह श्रवणा बेला [२] मार्गशीर्ष शु. ११ अपरान्ह अश्विनी अष्टम भक्त प्राशिवन शु.१ पूर्वान्ह चित्रा [३] __व कृ. ४ . विज्ञाला २३ चार दिन २४ तीन दिन के बेला [२] वैपास शु. १० अपरान्ह हस्ता [ ७५३
SR No.090436
Book TitleGommat Prashnottar Chintamani
Original Sutra AuthorN/A
AuthorDigambar Jain Kunthu Vijay Granthamala Samiti Jaipur
PublisherDigambar Jain Kunthu Vijay Granthamala Samiti
Publication Year
Total Pages1124
LanguageHindi
ClassificationBook_Devnagari, Religion, & Karma
File Size37 MB
Copyright © Jain Education International. All rights reserved. | Privacy Policy