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________________ अध्याय : पाठवां । नाम 'सर्वतोभद्र' था। उसके ८१ मंजले थे, वह परकोटा; वापिका, उद्यानादि से शोभायमान था। हरिवंश पुराण के शब्द इस प्रकार है---- सर्वतोभद्र संशोऽसौ प्रासाबः सर्वतोमतः । सैकाशीतिपदः शालयपयुधानाचलंकृतः ॥१५४६॥ शांत भमयस्तंभो विचित्रमणिभित्तिकः पुष्पविद् मक्तादि मालाभि रूपशोभितः ।।१५५०॥ आदिनाथ भगवान जिस नगर में जन्म लेने वाले हैं, तथा जहां सभी देव, देवेन्द्र निरन्तर पाया करेंगे, उसको श्रेष्ट रचना में संदेह के लिये स्थान नहीं हो सकता है। इसका कारण महापुराणकार इस प्रकार प्रगट करते हैं सुत्रामा सूत्रधारोऽस्याः शिल्पिनः कल्पजाः सुराः । वास्तुजातं मही कृत्स्ना सोद्धानास्कथं पुरी ।।१५५१॥ . . उस जिनेन्द्रपुरी के निर्माण में इन्द्र महाराज सूत्रधार थे, कल्पवासी देव शिल्पी थे, तथा निर्माण के योग्य समस्त पृथ्वी पड़ी थी वह नगरी प्रशंसनीय कमों न. होगी? वह नगरी द्वादश योजन प्रमाण विस्तार युक्त थी। . . जिनसेन स्वामी का कथन है-उस अयोध्या. नगरी में सब देवों ने हर्षित होकर शुभ दिन, शुभ मुहूर्त, शुभ योग तथा शुभलग्न में पुन्याहवाचन किया। जिन्हें अनेक सम्पदानों की परम्परा प्राप्त हुई है, ऐसे महाराज नाभिराज तथा महारानी मरदेवी ने हर्षित हो समृद्धि युक्त अयोध्या नगरी में निवास प्रारम्भ किया । विश्वदृश्वैतयोः पुत्रो जनितेति शतक्रतुः । तयोः पूर्जा व्यवसाच्चैरभिषेक पुरस्सरम् ।।१५५२॥ इन राजदम्पति के सर्वज्ञ पुत्र उत्पन्न होने वाले हैं, इसलिये इन्द्र ने अभिषेक पूर्वक उन दोनों की बड़ी पूजा की थी। ... रनवृष्टि--भगवान के जन्म के १५ माह पूर्व से उस जन्म नगरी में प्रभात, मध्यान्ह, सायंकाल तथा मध्य रात्रि में चार बार साढ़े तीन करोड़ रत्नों की वर्षा होती थी, इस प्रकार चौदह करोड़ रत्नों की प्रतिदिन वर्षा हुया करती थी। महापुराण व हरिवंशपुराण में लिखा है, कि यह रत्नवर्षा राजभवन में होती थी। वर्धमान चरित्र में कहा है कि तिर्यग्विज भंक नाम के देवगरण कुबेर की प्राज्ञा से चारों दिशाओं में साढ़े तीन कोटि रत्नों की वर्षा करते थे । (सर्ग १७ श्लोक ३६)..:..
SR No.090436
Book TitleGommat Prashnottar Chintamani
Original Sutra AuthorN/A
AuthorDigambar Jain Kunthu Vijay Granthamala Samiti Jaipur
PublisherDigambar Jain Kunthu Vijay Granthamala Samiti
Publication Year
Total Pages1124
LanguageHindi
ClassificationBook_Devnagari, Religion, & Karma
File Size37 MB
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