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________________ । २० ] [ गो. प्र. चिन्तामणि प्रश्न :--पातप नामकर्म किसे कहते हैं ? उत्तर :--जिस कर्म के उदय से आतापकारी शरीर होता है, उसे आतप नामकर्म कहते हैं । इसका उदय सूर्य के विमान में स्थित बादर पर्याप्त पृथ्वीकायिक .. जीवों में होता है ।.. ........ : . प्रश्न :-उद्योत नामकर्म किसे कहते हैं ? । उत्तर :--जिस कर्म के उदय से उद्योतरूप शरीर होता है, उसे उद्योत नामकर्म कहते हैं। इसका उदय चन्द्रमा के विमान में स्थित पृथ्वीकायिक जीवों के तथा - खद्योत (जुगनू) अादि जीवों के होता है। प्रश्न :-उच्छवास नामकर्म किसे कहते हैं ?.. उत्तर :--जिस कर्म के उदय से शरीर में उच्छवास होता है, उसे उच्छवास नामकर्म कहते हैं । प्रश्न : --विहायोगति नामकर्म किसे कहते हैं ? उत्तर :--जिस कर्म के उदय से प्राकाश में गमन होता है, उसे विहायोगति नामकर्म कहते हैं । इसके दो भेद हैं-प्रशस्त विहायोगति और अप्रशस्त विहायोगति। प्रश्न :-.-.प्रत्येक शरीर नामकर्म किसे कहते हैं ? उत्तर :--जिस कर्म के उदय से एक शरीर का स्वामी एक ही जीव हों, उसे प्रत्येक शरीर नामकर्म कहते हैं। प्रश्न :-साधारण नामकर्म किसे कहते हैं ? उत्तर :--जिस कर्म के उदय से एक शरीर के अनेक जीव स्वामी होते हैं, उसे साधारण नामकर्म कहते हैं। प्रश्न :---वस नामकर्म किसे कहते हैं ? उत्तर :--जिस कर्म के उदय से जीय का द्वीन्द्रय आदि पर्यायों में जन्म होता है, उसे बस नामकर्म कहते हैं। प्रश्न :--स्थावर नामकर्म किसे कहते हैं ? . .. उत्तर :--जिस कर्म के उदय से एकेन्द्रिय जाति में जीय का जन्म होता है, उसे स्थावर . नामकर्म कहते हैं। काम
SR No.090436
Book TitleGommat Prashnottar Chintamani
Original Sutra AuthorN/A
AuthorDigambar Jain Kunthu Vijay Granthamala Samiti Jaipur
PublisherDigambar Jain Kunthu Vijay Granthamala Samiti
Publication Year
Total Pages1124
LanguageHindi
ClassificationBook_Devnagari, Religion, & Karma
File Size37 MB
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