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________________ - ६१८ ] [ गो. प्र. चिन्तामणि वर्तमानकालीन १४ कलकर (कलंकर) अथवा मनु शरीर का व. कुलकरों के नाम कुलकरों की स्त्रियों के नाम शरीर की ऊंचाई कुलकरों के परस्पर अन्तरकाल और जन्मकाल प्रमाण .१. प्रतिभूति, स्वयंप्रभा इनका जन्म हुतीय काल के एक पल्य का १/८वां भाग माकी रहने पर २. सन्मति যৰি सुवर्ण १३०. .. प्रथम कुलकर के मरने के बाद पल्य का १/५० को भाग बीत जाने पर इनका जन्म होता है। सुनन्दा सुवर्स दूसरे कुलकर के मरने बाद पल्प का १/८०० यो भाग बीस जाने पर इनका जन्म होता है। तीसरे कुलकर के मरने के बाद पल्य का १/५०००० वा भाग बीत जाने पर इनका जन्म होता है। ४. क्षेमन्धर विमला सुवर्स ७७५ ५. सौमकर मनोरम सुदर्रा चौथे कुलकर के मरने के बाद पल्य का १/५०००० या भाग बीत जाने पर इनका जन्म होता है। पांचवे कुलकर के मरने के बाद का का १/६ लाख को भार बीत जाने - ... पर इनका जन्म होता है। कशोधारिणी ४२५ ७. निमनबाहुन सुमति सुवर्ण . ५०० छठे कुलकर के मरने के बाद पल्य का १/८०.साल बा भाग बीत आने पर इनका जन्म होता है। .
SR No.090436
Book TitleGommat Prashnottar Chintamani
Original Sutra AuthorN/A
AuthorDigambar Jain Kunthu Vijay Granthamala Samiti Jaipur
PublisherDigambar Jain Kunthu Vijay Granthamala Samiti
Publication Year
Total Pages1124
LanguageHindi
ClassificationBook_Devnagari, Religion, & Karma
File Size37 MB
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