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________________ अध्याय : आठवां ] सम्बन्धी कई जानने योग्य तथ्य आयु कास प्रमाण विशेष कौन-कौन से कुलकर के समय कौन-कौन से कुलकर अवागत अर्थात् में कौन-कौन सी विशेष अपनी अपराधी प्रजा भविष्यत काल बातें हुई? को किस-किस तरह में होने वाले दण्ड देते रहें, उसका १६ कुलकरों | एकपल्या १११००० जोतिरांग कल्पवृक्ष का कम सुमधुरामा उसकतेबकुलकर के भाग प्रमाण होने से प्रकाश में सूर्य-चन्द्रमा हैं। ऐसे वचन से काल के दूसरे काल समय और श्री एक से लेकर पांच के अन्त समय में होने लगे और इन्द्र दिखाई पड़ने लगे। बालकर प्रजाजनों को एक हजार वर्ष ने उनका विवाह पर देते रहे। बाकी रहने पर कम किया था। एक पल्य का ११०० अंधकार, नक्षत्र और तारागरा से १६ खुलकर होते हजार या भाग प्रमाण दिखने लगे । हैं उनके नाम . १. कनक एका पल्य का १/१००० र मृग, हिंसक जंतुनों से दां भाग प्रमाए बाधा होने लगी। २. कनक प्रभ एक पल्म का १/१० दीपोधीनोपाय बतलाए। हजार या माग प्रमाणे : ३.कनकराज एक पल्व का १/१ प्रजाजनों को कल्पवृक्षों की साख व माग प्रमाण सीमा दिसला दी। ४. कनकध्वज एक पल्प का १/१० दिखलाई हई सीमा विशेष का हा मा तमने बरा साख वां भाग प्रमाण चिन्ह बतला दिया । इस तरह के वचनों २. कुलकर को छोड़ कर बाकी सबमा नाम प्रार्य था इसलिये मरुदेवी के पिता का नाम नहीं बताया है। एक पल्म का १/१ हाथी, घोड़े प्रावि माहनों की कुलकर करोड़वां भाग प्रमाण उपभोग बना दिया। 'प्रजा को दण्ड देते . नलिन रहे। - -
SR No.090436
Book TitleGommat Prashnottar Chintamani
Original Sutra AuthorN/A
AuthorDigambar Jain Kunthu Vijay Granthamala Samiti Jaipur
PublisherDigambar Jain Kunthu Vijay Granthamala Samiti
Publication Year
Total Pages1124
LanguageHindi
ClassificationBook_Devnagari, Religion, & Karma
File Size37 MB
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