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________________ Huri Hari- ५४० ] [ गो. प्र. चिन्तामणि M EINminy awarentinyainini a a yamawaimar ..... 22-0ITmmm.im -ruary a mananmomneumsumeenawation - - - आकाशस्थानन्ताः ॥१२४७॥ आकाश द्रव्य के अनन्त प्रदेश हैं, पर लोकाकाश के असंख्यात ही प्रदेश हैं । संख्येयासंख्येयाश्च पुद्गलानाम् ।। पुद्गल द्रव्य के संख्यात और अनन्त प्रदेश हैं। सूत्र में 'च' शब्द से अनन्त का ग्रहण किया गया है । अनन्त के तीन भेद हैं-परीतान्त, युक्तानन्त, और अनन्तान्त । यहां तीनों अनन्तों का ग्रहण किया गया है। किसी द्वयणुक आदि पुद्गल के संख्यात प्रदेश होते हैं। दो अणु से अधिक और डेढ़ सौ अंक प्रमाण पर्यन्त पुद्गल परमाणुओं के समूह को संख्यात प्रदेशी स्कंध कहते हैं। लोकाकाश के प्रदेश प्रमाण परमाणुओं वाला स्कंध प्रसंख्यात प्रदेशी होता है। इसी प्रकार कोई स्कंध असंख्यात संख्यात प्रदेश वाला, कोई परीतान्त प्रदेश वाला, कोई युक्तानन्त प्रदेश वाला और कोई अनन्तानन्त प्रदेश वाला भी होता है। प्रश्न :-लोकाकाश के असंख्यात प्रदेश हैं, फिर वह अनन्त और . अनन्तानन्त प्रदेश वाले पुद्गल द्रव्य का आधार कैसे हो __ सकता है ? उत्तर :-~-पुद्गल परमाणुनों में सूक्ष्म परिणमन होने से और अव्याहत अवगाहन शक्ति होने से प्राकाश के एक प्रदेश में भी अनन्तानन्त पुद्गल परमाणु रह सकते हैं। नारयोः ॥१२४८॥ परमाणु के दो प्रादि प्रदेश नहीं होते हैं । परमाणु एक प्रदेशी ही होता है । पुद्गल के सबसे छोटे हिस्से का नाम परमाणु है। अतः परमाणु के भेद या प्रदेश नहीं हो सकते । परमाणु से छोटा और आकाश से बड़ा कोई नहीं है। अतः परमाणु के प्रदेशों में भेद नहीं डाला जा सकता। दृश्यों के रहने का स्थान लोकाकाशेऽवगाहः ।।१२४६।। जीद प्रादि द्रव्यों का अवगाह (स्थान) लोकाकाश में है। लीकाकाश आधार और जीवादि द्रश्य प्राधेय हैं। लेकिन लोकाकाश का अन्य कोई आधार नहीं है, वह अपने ही आधार से हैं। ... प्रश्न :-जैसा लोकाकाश का कोई दूसरा आधार नहीं है, उसी प्रकार धर्मादि द्रव्यों का भी दूसरा आधार नहीं होना चाहिये अथवा -amasuatamananewsANDAA S ANCHAR
SR No.090436
Book TitleGommat Prashnottar Chintamani
Original Sutra AuthorN/A
AuthorDigambar Jain Kunthu Vijay Granthamala Samiti Jaipur
PublisherDigambar Jain Kunthu Vijay Granthamala Samiti
Publication Year
Total Pages1124
LanguageHindi
ClassificationBook_Devnagari, Religion, & Karma
File Size37 MB
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