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________________ अध्याय : सातवां । [ ५२५ वैमानिक देवों में अपकर्ष मति शरीर परिग्रहाभिमानतो होमाः ॥१२१८॥ वैमानिक देव गमन, शरीर, परिग्रह और अभिमान की अपेक्षा क्रमशः ऊपरऊपर हीन हैं। ऊपर-ऊपर के देवों में गमन परिग्रह और अभिमान की हीनता है। शरीर का परिमारण---सौधर्म और ऐशान स्वर्ग में शरीर की ऊँचाई सात अनि, सानत्कुमार और माहेन्द्र में छह अरनि, ब्रह्म, ब्रह्मोत्तर, लान्तव और कापिष्ट में पांच अरनि, शुक्र, महाशुक्र, शतार और सहस्त्रार में चार अरनि, 'मानत और प्रारपत में साढ़े तीन अरनि और आरण और अच्युत मैं तीन अरत्ति शरीर की ऊंचाई है। प्रथम तीन ग्रेवेयकों में ढाई अरनि, मध्य प्रवेयक में दो परनि, ऊर्ध्व अवेयक और नव अनुदिश में डेढ़ अरलि शरीर की ऊंचाई है। पांच अनुत्तर विमानों में शरीर की ऊंचाई केवल एक हाथ है । मुंडे हाथ को अरनि कहते हैं । वैमानिक देशों में लेश्याओं का वर्णन पीत पद्म शुक्ल लेश्या द्वित्रिशेषेषु ॥१२१६॥ . ___ दो युगलों में, तीन युगलों में और शेष के विमानों में क्रमशः पीत, पर और शुक्ल लेश्यायें होती हैं। __ सौधर्म, ऐशान, सानत्कुमार और माहेन्द्र स्वर्ग में पीत लेश्या होती है। विशेष यह है कि सानत्कुमार और माहेन्द्र में मिश्र-पीत और पद्म लेश्या होती है । ब्रह्म, ब्रह्मोत्तर, लान्तव, कापिष्ट, शुक्र और महाशुक्र स्वर्ग में पद्म लेश्या होती है । लेकिन शुक्र, महाशुका, शतार और सहस्त्रार स्वर्ग में मिश्र-पद्म और शुक्ल लेश्या होती है। प्रानत, प्राणत, पारण और अच्युत स्वर्ग में और नव वेयकों में शुक्ल लेश्या होती है । नव अनुदिश और पांच अनुत्तर विमानों में परम शुक्ल लेश्या होती है। यद्यपि सूत्र में मिथ लेश्या का ग्रहण नहीं किया है, किन्तु साहचर्य से मिश्र का भी ग्रहण कर लेना चाहिए। जैसे 'छाते वाले जा रहे हैं। ऐसा कहने पर जिनके पास छाता नहीं है, उनका भी ग्रहण हो जाता है । उसी प्रकार एक लेश्या के कहने से उसके साथ मिश्रित दूसरी लेश्या का भी ग्रहण हो जाता है । सूत्र का अर्थ इस प्रकार करना चाहिए। सौधर्म और ऐशान स्वर्ग में पीत लेश्या और सानत्कुमार और माहेन्द्र स्वर्ग
SR No.090436
Book TitleGommat Prashnottar Chintamani
Original Sutra AuthorN/A
AuthorDigambar Jain Kunthu Vijay Granthamala Samiti Jaipur
PublisherDigambar Jain Kunthu Vijay Granthamala Samiti
Publication Year
Total Pages1124
LanguageHindi
ClassificationBook_Devnagari, Religion, & Karma
File Size37 MB
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