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________________ " ४८२ [ गो. प्र. चिन्तामणि HOUDHARE जो सातवें नरक में ५०० धनुष हो जाती है । शीत और उष्णता से होने वाले दुःख का नाम वेदना है। मारकियों को शीत और · उष्णता-जन्य तीन दुःख होता है । प्रथम नरक से चतुर्थ नरक तक उष्ण वेदना होती है । पञ्चम नरक के ऊपर के दो लाख बिलों में उष्ण वेदना है, और नीचे के एक लाख दिलों में शीत वेदना है । मतान्तर से पांचवें नरक के ऊपर के दो लाख पच्चीस बिलों में उष्ण वेदना तथा २५ कम एक लाख बिलों में शीत वेदना है। छठे और सातवें नरक में उष्ण वेदना है । शरीर की विकृति को विक्रिया कहते हैं । अशुभ कर्म के उदय से उनकी विक्रिया भी अशुभ ही होती है । शुभ करना चाहते हैं, पर अशुभ होती है । नारको एक दूसरे के प्रति व्यवहार परस्परोदीरित दुःखा ॥११६३॥ नारकी जीव परस्पर में एक दूसरे को दुःख उत्पन्न करते हैं । वहाँ सम्यग्दृष्टि जीव अवधिज्ञान से और मिथ्यादृष्टि विभंगावधिज्ञान से दूर से ही दुःख का कारण समझ लेते हैं और दुःस्त्री होते हैं। पास में आने पर एक दूसरे को देखते ही क्रोध बढ़ जाता है, पुनः पूर्व भव के स्मरण और तीव्र वैर के कारण वे कुत्तों की तरह एक दूसरे को भोंकते हैं तथा अपने द्वारा बनाये हुए नाना प्रकार के शस्त्रों द्वारा एक दूसरे को मारने में प्रवृत्त हो जाते हैं। इस प्रकार नारकी जीव दिन रात कुत्तों की तरह लड़कर, काटकर, मारकर स्वयं ही दुःख पैदा करते हैं । एक दूसरे को काटते हैं, छेदते हैं, सीसा गलाकर पिलाते हैं, वैतरिणी में ढकेलते हैं, कड़ाही में झोंक देते हैं आदि । असुर कुमार देव को पृथ्वी---- संक्लिष्टा सुरोधोरित दुःखाश्च प्रार चतुर्ध्या ॥११६४।। चौथे नरक से पहले अर्थात तृतीय नरक पर्यन्त अत्यन्त संक्लिष्ट परिणामों . के धारक अम्बाम्बरीष आदि कुछ असुर कुमारों के द्वारा भी नारकीयों को दुःख पहुँचाया जाता है। असुर कुमार देव तृतीय नरक तक जाकर पूर्व भव का स्मरण कराके नारकियों को परस्पर में लड़ाते हैं और लड़ाई को देखकर स्वयं (प्रसन्न) होते हैं। च शब्द से असुर कुमार देव पूर्व सूत्र में कथित दुःख भी पहुंचाते हैं ऐसा समझना चाहिये। .
SR No.090436
Book TitleGommat Prashnottar Chintamani
Original Sutra AuthorN/A
AuthorDigambar Jain Kunthu Vijay Granthamala Samiti Jaipur
PublisherDigambar Jain Kunthu Vijay Granthamala Samiti
Publication Year
Total Pages1124
LanguageHindi
ClassificationBook_Devnagari, Religion, & Karma
File Size37 MB
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