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[ मो. प्र. चिन्तामणि प्रश्न :--दर्शनावरण के ६ भेद कौनसे हैं ? उत्तर :-१ चक्षुदर्शनावरण, २ अचक्षुदर्शनावरण, ३ अवधिदर्शनावरा, ४ केवल.: . दर्शनावरण, ५ निद्रा, ६ निद्रानिद्रा, ७ प्रचला, ८ प्रचलानचला, ६ स्त्यान
__ गद्धि इस प्रकार दर्शनावरण के. ६ भेद हैं। प्रश्न :-वेदनीय कर्म के दो भेद कौनसे हैं ? उत्तर :-- साता वेदनीय और असाता वेदनीय, ये दो भेद वेदनीय कर्म के हैं। . प्रश्न :--मोहनीय कर्म के २८ भेद कौनसे हैं ? उत्तर :-- मुख्य रूप से महिनीय क के दो भेद हैं -एक दर्शनमोहनीय और दूसरा :
चारित्रमोहनीय । दर्शनमोहनीय के ३ और चारित्रमोहनीय के २५ उत्तरभेद हैं 1 दर्शन मोहनीय के तीन भेद इस प्रकार हैं- सस्यवत्व, मिथ्यात्व, सम्यग्मिथ्यात्व । जैसा कि तत्वार्थसार में कहा गया है
"त्रयः सम्यक्त्वमिथ्यात्वसम्यग्मिथ्यात्वभेदतः ।"१ इसी प्रकार चारित्रमोहनीय के २५ भेद निम्न प्रकार से हैं१ अनन्तानुबन्धी क्रोध, २ अनन्तानुबन्धी मान, ३ अनन्तानुबन्धी माया, ४ अनन्तानुबन्धी लोभ, ५ अप्रत्याख्यानावरण क्रोध, ६ अप्रत्याख्यानावरण मान, ७ अप्र० माया, ८ अप० लोभ, ६ प्रत्याख्यानावरण क्रोध, १० प्रत्या मान, ११ प्रत्य० माया, १२ प्रत्य० लोभ, १३ संज्वलन क्रोध, १४ सं० मान, १५ सं० माया, १६ सं० लोभ, ( किंचित् कषाय ) १७ हास्य,
१८ रति, १६ अरति, २० शोक, २१ भय, २२ जुगुप्सा, २३ स्त्रीवेद, . २४ पुरुषवेद, २५ नपुंसकवेदः । प्रश्न :-आयुर्म के. ४ भेद कौनसे हैं ? उत्तर :--नरक आयु, तियंचायु, मनुष्यायु, देवायु ये चार भेद गायु कर्म के हैं। इसी
को तत्वार्थसार में इस प्रकार मूत्र रूप में बताया है......
"वाझतिर्यग्नदेवायु दादायुश्चतुर्विधम् ।"३. . प्रश्न :- नाम कर्म के ६३ भेद कौनसे हैं ? . उत्तर :-गति ४, जाति ५, शरीर ५, अंगोपांग ३, निर्माण १, बन्धन ५, संघात ५,.
.. संस्थान ६, संहनन ६, स्पर्श ८, रस ५, गन्ध २, वर्ण ५, आनुपूर्वी ४, १. तत्वार्थसारः अध्याय ५; श्लोक-२८ । २. तत्वार्थसारः अध्याय ५; श्लोक-२० ।
SARA