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________________ ४३० । [ गो. प्र. चिन्तामणि _ निश्छिद्र निरुपद्रथे पृथुशिलेलाचे मुख स्पशिनि, प्रध्यानाभिरतः स्थितो न नियमः स्वभ्यस्तयोगे स्वयम् ॥१०३८।। मनुष्यों के द्वारा गाये गये गीत का समूह वादित्र आदि के कोलाहल से रहित स्थावर और जंगम प्राणियों ये रहित पवित्र अत्यन्त समान निच्छिद्र निरुपद्रव सुख स्पर्श बाली विस्तरित शिला पृथ्वी आदि पर स्थित ध्यान करने वाला उत्कृष्ट ध्यान में लीन होता है, परन्तु अभ्यस्त योग में यह नियम नहीं है । यानांगवयव प्रचालन वचो माधभावो मुनि, व्युत्सरण समावलंवक शिलास्तंभो निखातो यथा । . पर्यकेन यथा सुखं स्वमनसः शय्यादिभिर्वा स्थितो, निःसगोऽस्तसमस्त बाह्मा विषयाश्यापत्यशेषेन्द्रियः ।।१०३६॥ प्राणापान विनिग्रहादतितरां भ्रांतिर्मते रुच्छवस, स्मन्दं मन्दमतो न नेत्र युगल सम्पग्निमीलन्न च । प्रोन्मीलन्द शनैर्मनाग्दशनपंवत्यं ग्राणि विनन्मनः, शांति मूतिमतो मिवात्तिजयिनी स्वां मूत्तिमप्यूजिताम् ॥१०४०। सष्टि में दुताऽऽर्जवादि सहितः श्रेभ्योरशेष श्रुतः । स्याद्रध्याता दशपूर्वपिच्च नवपूर्वज्ञो परत्राऽपि च । ध्येयन्यस्तमना निरस्त नियमः कालेषु संध्यादिषु, निरिणोचित माध संहनन मेवाऽस्मिन्पुनातरि ॥१०४१॥ जिसके गमन के समय अंग की चंचलता, वचन, जंभाई आदि का प्रभाव हैं, जो शिला में अंकित स्तम्भ के समान कायोत्सर्ग से अचल ९ड़ा है अथवा पर्यकासन से बैठा है, यथायोग्य शय्या आदि से भी स्थित है, परिग्रह रहित है। समस्त इन्द्रियों के व्यापार से शल्य है, प्रारणापान के निरोध से अत्यन्त मन्द-मन्द श्वासोच्छवास ले रहा है, जिसके नेत्र अोन्मीलित हैं, दाँतों की पंक्ति दातों पर धारण किये हुए हैं, मन अत्यन्त शांत है, अार्तध्यान को जीतने वाली अत्यन्त सौम्य शरीर की प्राकृति को धारण करता है, क्षपक श्रेणी या उपशम श्रेणी पर प्रारूढ़ है । नव पूर्व या दश पूर्व का झाता सम्यादृष्टि प्रार्जवादि गुणों से युक्त होकर ध्येय में व्यस्त है। मन जिसका ऐसा मुनि तीनों काल की संध्या के समय में निरत नियम से ध्याता होता है । इस ध्याता के निर्वाण के योग्य प्रथम संहनन होता है । . Tod
SR No.090436
Book TitleGommat Prashnottar Chintamani
Original Sutra AuthorN/A
AuthorDigambar Jain Kunthu Vijay Granthamala Samiti Jaipur
PublisherDigambar Jain Kunthu Vijay Granthamala Samiti
Publication Year
Total Pages1124
LanguageHindi
ClassificationBook_Devnagari, Religion, & Karma
File Size37 MB
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