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लिए उन्होंने जो भी मार्ग अपनाया है, वह निश्चय ही प्रभावकारी हुया है, हो रहा है, और होगा, इसमें किसी प्रकार की अतिशयोक्ति नहीं है। सभी गुरु भक्त एवं समाज इस बात को जानता है। ...... श्री दिगम्बर जैन कुन्थु विजय ग्रंथमाला समिति जयपुर (राज.) से १३वें पुष्प के रूप में इस ग्रंथ का प्रकाशन हुआ है। यह बहुत ही प्रसन्नता की बात है । इस ग्रंथमाला से सभी ग्रंथों का प्रकाशन बहुत ही लाभकारी रहा है। इसके लिए. मैं ग्रंथमाला के प्रकाशन संयोजक महोदय, एवं ग्रंथ- . माला के सभी सहयोगी कार्यकर्ताओं को .. धन्यवाद देता हूँ कि जिन्होंने कितना कठिन परिश्रम करके जिनवाणी के प्रचार एवं प्रसार. में अपनी निःस्वार्थ सेवायें अर्पित कर रहे हैं। .
... मुझे आशा ही नहीं बल्कि पूर्ण विश्वास है कि इस ग्रंथराज के .. माध्यम से धर्म प्रेमी बन्धु स्वाध्याय करके लाभ उठावेंगे एवं गुरुवर्य ..
गरगधराचार्य महाराज मिथ्यात्व तिमिर का नाश करने के लिए सूर्य से . तेजस्वी, प्रकाशमान, ज्योति के समान, हम सभी को प्राप्त हुए हैं, उनसे .
हम सभी लोग लाभ उठाते रहेंगे। ऐसे गुरुदेव के चरणों मैं में अल्पज्ञः कोटि - __. कोटि वार नमन करते हुए नमोस्तु अर्पित करता हूँ। . . ......
. .. प्रतिष्ठाचार्य प्रदीप कुमार जैन . बी. कॉम. शास्त्री क्रुसम्बा (महाराष्ट्र) .
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