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________________ अध्याय : चौथा ] [ ६ प्रश्न :---स्व बचन बाधित किसको कहते हैं ? ए !-- सिर के सा में नगे वचन से ही बाधा पाती है । जैसे--मेरी माता बन्ध्या है, क्योंकि पुरुष का संयोग होने पर भी उसके गर्भ नहीं रहता । प्रश्न :--अनुमान के कितने अङ्ग हैं ? उत्तर :-...-पांच है । प्रतिज्ञा, हेतु, उदाहरण, उपनय और निगमन । प्रश्न :--प्रतिज्ञा किसको कहते हैं ? उत्तर :-पक्ष और साध्य के कहने को प्रतिज्ञा कहते हैं। जैसे---इस पर्वत में . अग्नि है। प्रश्न :--हेतु किसको कहते हैं ? उत्तर--साधन के वचन (कथन) को हेतु कहते हैं । जैसे----क्योंकि यह धमवान हैं। प्रश्न :--उदाहरण किसको कहते हैं ? उत्तर :-व्याप्तिपूर्वक दृष्टान्त के कहने को उदाहरण कहते हैं। जैसे—जहाँ-जहाँ धूम है, वहाँ-वहाँ अग्नि है। जैसे-रसोई घर । और जहाँ-जहाँ अग्नि नहीं हैं, वहाँ-वहाँ धूम भी नहीं है । जैसे तालाव । प्रश्न :-दृष्टान्त किसको कहते हैं ? उत्तर :- जहाँ पर साध्य और साधन की मौजूदगी या गैरमौजदगी दिखाई जाती है । जैसे --रसोई घर अथवा तालाब । प्रश्न :--दृष्टान्त के कितने भेद हैं ? उत्तर :-दो है.--.-एक अन्वय दृष्टान्त, दूसरा व्यतिरेक दृष्टान्त । प्रश्न :--अन्वय दृष्टान्त किसको कहते हैं ? उत्तर :----जहाँ साधन की मौजूदगी में साध्य की मौजूदगी दिखाई जाती है । जैसे रसोई के घर में धूम का सद्भाव होने पर अग्नि का सद्भाव दिखाया गया। प्रश्न :-व्यतिरेक दृष्टान्त किसको कहते हैं ? - उत्तर :----जहां साध्य की गैर मौजूदगी में साधन की गैर मौजूदगी दिखाई जाती है। जैसे-तालाब में धूम । प्रश्न :-उपनय किसको कहते हैं ? रसा२
SR No.090436
Book TitleGommat Prashnottar Chintamani
Original Sutra AuthorN/A
AuthorDigambar Jain Kunthu Vijay Granthamala Samiti Jaipur
PublisherDigambar Jain Kunthu Vijay Granthamala Samiti
Publication Year
Total Pages1124
LanguageHindi
ClassificationBook_Devnagari, Religion, & Karma
File Size37 MB
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